MP News: करीब 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को चलाकर देखा जाएगा। पूरे ट्रैक की एक-एक बारीकी का निरीक्षण कर जांचा जाएगा।
Bhopal-Ramganjmandi Rail Line:राजगढ़ जिले की जनता के लिए बुधवार का दिन अहम रहने वाला है। यहां करीब 25 साल से इंतजार कर रही जनता के लिए ट्रेन आने वाली है। अधिकृत तौर पर पहली बार राजगढ़ पहुंच रही ट्रेन को लेकर हर कोई उत्साहित है। दरअसल, बुधवार सुबह राजगढ़-खिलचीपुर रेलखंड (Rajgarh-Khilchipur railway section) के बीच रेल संरक्षा आयुक्त मुंबई निरीक्षण करेंगे। स्पेशल यान से वे आएंगे और ट्रॉयल लेंगे। इसमें सुरक्षा संबंधी बारीकियां जांची जाएंगी। इसके लिए यह भी देखा जाएगा कि ट्रैक अभी ट्रेनें संचालित करने के हिसाब से ठीक है या नहीं।
करीब 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को चलाकर देखा जाएगा। पूरे ट्रैक की एक-एक बारीकी का निरीक्षण कर जांचा जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि यहां ट्रेन किस रफ्तार से और कैसे संचालित किया जाएगा। बता दें कि रेलवे ट्रैक को सीआरएस की हरी झंडी मिल जाने के बाद वह तकनीकी रूप से फिट माना जाता है। रेल प्रशासन ने नव निर्मित रेल ट्रैक के समीप रहने वाले सभी स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षा की दृष्टि से रेल पटरियों के आसपास अनावश्यक आवागमन से बचें तथा सतर्क, सजग और सावधान रहे। (MP News)
भले ही अधिकृत तौर पर ट्रेन राजगढ़ आने से जनता के लिए उत्साह का विषय हो लेकिन बड़ी बात यह भी है कि अभी ट्रने अधिकृत तौर पर कब से चलने लगेगी, यह तय नहीं है। करीब डेढ़ साल पहले नयागांव-घाटोली-खिलचीपुर के बीच रेलवे ट्रैक तैयार होने और सीआरएस निरीक्षण हो जाने के बावजूद आज तक ट्रेन के अते-पते नहीं है। यानी राजस्थान के आखिरी रेलवे स्टेशन घाटोली तक ट्रेन आ रही है लेकिन खिलचीपुर तक उसे चालू नहीं किया गया है। यानी यहां ट्रॉयल भले ही हो जाए लेकिन जब तक अधिकृत और विधिवत तरीके से ट्रेन चालू नहीं हो जाती, तब तक यह तय नहीं है कि ट्रेन चलेगी ही।
इसी ट्रैक साल पूरा करने का दावा, हकीकत में 50 फीसदी काम अधूरा-रेलवे के अधिकारियों का दावा है कि 2026 आखिर तक पूरा 276 किलोमीटर का के रेलवे ट्रैक तैयार कर लिया जाएगा। हालांकि दावा अपनी जगह है लेकिन रेल लाइन का काम अभी अधूरा है। राजस्थान की सीमा से लेकर खिलचीपुर तक का ट्रैक तैयार है, अब राजगढ़ तक का भी तैयार हो गया है लेकिन इससे आगे ब्यावरा, नरसिंहगढ़, कुरावर, श्यामपुर तक के बीच काम चल रहा है। यानी उसे पूरा होने में अभी समय लगेगा। भले ही रेलवे के अफसर दावा कर रहे हो लेकिन अभी यह पूरा होता नजर नहीं आ रहा।
बुधवार को होने वाले सीआरएस निरीक्षण के पूर्व रेलवे ने अपनी तैयारियां कर ली है। इस निरीक्षण के पूर्व रेलवे की तकनीकी टीम दो दिन से राजगढ़ ही है। एक दिन पहले रेलवे स्टेशन की सफाई करवाई गई। साथ ही रेलवे के सिग्नल का टेस्ट भी किया गया। यानी उन्हें चालू कर देखा गया। साथ ही अन्य जहां छोटे-मोटे काम शेष थे उन्हें भी तकनीकी विंग ने ठीक करवाया। रेलवे सिग्नल को ओके करने के बाद रेलवे ट्रैक सीआरएस निरीक्षण के लिए तैयार हो चुका है।
यह रेल लाइन राजगढ़ के लिए वरदान साबित होगी। इससे विकास के रास्ते खुलेंगे। कोटा और भोपाल से राजगढ़ की सीधी कनेक्टिविटी बढ़ने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें फसलें बड़ी मंडियों तक पहुंचाने का विकल्प होगा। रेल लाइन का बचा हुआ काम भी जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास है।- रोडमल नागर, सांसद, राजगढ़