राजगढ़

पुलिस चौकी से 3 किमी. दूर बेखौफ रेत माफिया, ब्यावरा में बहाव में पलटे, मशीनें फंसी

Illegal sand mining: पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर दो पोकलेन और बीस ट्रैक्टर से पार्वती नदी का सीना चीर रोज निकाल रहे 50 ट्रॉली रेत, बहाव बढ़ा तो नदी में ही फंसे....
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Jul 07, 2026
Illegal sand mining: प्रकृति ने खुद थामे ट्रैक्टरों के पहिए (Photo Source - Patrika)
Illegal sand mining: प्रकृति ने खुद थामे ट्रैक्टरों के पहिए (Photo Source - Patrika)

Illegal sand mining in rajghar:एमपी के ब्यावरा जिले से निकली पार्वती नदी में कुरावर से लेकर सुठालिया तक रेत माफिया जिला प्रशासन पर भारी पड़ रहा है। प्रतिबंध के बाद भी दिन-रात रेत निकालने नदी का सीना छलनी किया जा रहा है लेकिन खनिज विभाग से लेकर राजस्व और पुलिस-प्रशासन कुछ नहीं कर पा रहा है। स्थिति ये है कि मलावर थाने के लखनवास चौकी के पास सेकनपुर क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद दिन-रात रेत निकाली जा रही है। दो पोकलेन और करीब बीस ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से यहां से रोजाना करीब 50 से अधिक ट्रॉली रेत नदी से निकाली जा रही है।

पुलिस चौकी से महज तीन किमी दूर अवैध खनन का ये धंधा लंबे समय से जारी है, लेकिन कोई कुछ नहीं कर पा रहा है। शनिवार को हुई बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर खनन में लगी दो पोकलेन मशीनें और कई ट्रैक्टर नदी में फंस गए, जिससे लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार की तस्वीरें सामने आ गई। लेकिन विभाग और जिम्मेदार अब भी कुछ नहीं कर पा रहे है।

दिन में मशीनों की गरज, रात में ट्रैक्टरों की कतार

नदी में दो पोकलेन मशीनों से रेत निकाली जा रही थी, जबकि करीब 20 ट्रैक्टर लगातार परिवहन में लगे थे। प्रतिदिन 50 से अधिक ट्रॉलियां रेत निकाली जा रही हैं। बरसात के दौरान खनन पर रोक के बावजूद मशीनों की आवाज दिन-रात सुनाई देती रही। नदी में ही रेत साफ करने के लिए पाट में अलग-अलग जगह ठिए भी बना रखे है। यहां माफिया ने अवैध खनन का ऐसा जाल बिछा रखा है कि आम आदमी तो पहुंच ही नहीं पाए, नदी में करीब डेढ़ किमी अंदर कच्चा रास्ता बना खनन किया जा रहा है। साथ ही यदि प्रशासनिक टीम आए तो भागने के लिए वैकल्पिक मार्ग जंगल काट अलग बना रखा है। लेकिन कभी प्रशासन यहां बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाया है।

जिम्मेदार नहीं रोक पाए, प्रकृति ने खुद थामे ट्रैक्टरों के पहिए

माफिया के हौंसले इतने बुलंद है कि पुलिस-प्रशासन सब उसके आगे ठेंगे नजर आते है। जहां खनिज विभाग और पुलिस एक भी बार दबिश देकर कार्रवाई नहीं कर पाए, वहीं शनिवार को हुई बारिश में पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ा तो खनन में लगी दो पोकलेन नदी में फंस गई। बहाव बढ़ने से कई ट्रैक्टर भी नदी से बाहर नहीं निकल सके। यही दृश्य अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं और प्रशासनिक दावों पर सवाल उठा रहे हैं।

पत्रिका ने उजागर किया तो जांच करने पहुंचा था अमला

दरअसल सेकनपुर, सेमलापार, शिवपुरा, सात धार आदि क्षेत्र में पार्वती से रेत खनन को लेकर पत्रिका ने लगातार खबरें प्रकाशित की। इसके बाद जिम्मेदार हरकत में भी आए थे, लेकिन खानापूर्ति की कार्रवाई कर पल्ला झाड़ लिया गया। सेकनपुर क्षेत्र में खनिज विभाग और पुलिस-प्रशासन की टीमें पहले भी कई बार पहुंचने का दावा रही, लेकिन हर बार बिना किसी बड़ी कार्रवाई के सड़क पर खड़े महज एक-दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ही जब्त किए है।

जबकि यहां रेत खनन का अवैध धंधा कभी थमा ही नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब कार्रवाई के दावे होते रहे, तो फिर दोबारा भारी मशीनें और ट्रैक्टर नदी तक कैसे पहुंच गए? आखिर इन्हें संरक्षण कौन दे रहा है, या निगरानी में चूक कहां हो रही है?

बारिश में खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। यदि अब भी पार्वती में और अन्य कहीं भी खनन किया जा रहा है तो कार्रवाई करेंगे। - गोविंद कुमार दुबे, एसडीएम, ब्यावरा

Updated on:
07 Jul 2026 04:09 pm
Published on:
07 Jul 2026 04:08 pm