राजगढ़

रात 12 बजे किचन में छिपा बैठा था सांप, ब्यावरा में दूध का बर्तन रखने पहुंचे स्कूल संचालक को डसा, मौत

Snake Bite Death: निजी स्कूल संचालक को सांप के काटने के बाद परिजनों ने झाड़फूंक में गंवाया समय, अस्पताल की जगह पहले झाड़फूंक कराने ले गए, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
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Jul 02, 2026
rajgarh snake
snake bite death school owner delayed treatment, मृतक विष्णु प्रसाद की जीवित अवस्था की तस्वीर (source-patrika)

Rajgarh Snake Bite Death: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा तहसील के गांगाहोनी गांव में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात सांप के काटने से 40 वर्षीय निजी स्कूल संचालक की मौत हो गई। समय पर उपचार नहीं मिलने और झाड़फूंक में समय गंवाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। जहरीला सांप स्कूल संचालक के घर के किचन में काल बनकर बैठा था और रात 12 बजे जब दूध का बर्तन रखने के लिए स्कूल संचालक किचिन में पहुंचे तो सांप ने उन्हें काट लिया।

रात 12 बजे किचन में सांप ने डसा

विष्णु प्रसाद लववंशी (40) निवासी गांगाहोनी गांव में ही एक निजी स्कूल का संचालन करते थे। बीती रात 12 बजे जब वो खाना खाने के बाद घर में किचन में दूध का बर्तन रखने के लिए पहुंचे तो वहां काल बनकर बैठे सांप पर उनका पैर पड़ गया। अचानक सांप ने उनके पैर के अंगूठे में डस लिया, विष्णु प्रसाद को जैसे ही सांप ने काटा वो जोर से चीख पड़े और पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर निकले।

परिजनों ने झाड़फूंक में गंवाया समय

अस्पताल ले जाते वक्त परिजन पहले झाड़फूंक के लिए विष्णु प्रसाद को तरेनी स्थित देव स्थान पर रुक गए। यहां करीब आधे घंटे तक झाड़फूंक कराते रहे। इस दौरान विष शरीर में फैलता रहा। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही लखनवास के पास रास्ते में विष्णु प्रसाद ने दम तोड़ दिया। जब परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकीय मदद समय पर न मिलने से उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने गुरुवार को सुठालिया अस्पताल में मृतक विष्णु के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया, मामले में मर्ग कायम कर जांच में लिया है।

दो छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता साया

विष्णु प्रसाद गांव में एक निजी स्कूल का संचालन करते थे, इसी से उनका परिवार पल रहा था। वह अपने पीछे परिवार में पत्नी और 11 और 13 वर्ष आयु के बेटे-बेटियों को छोड़ गए हैं। उनके असमय निधन से परिवार गहरे सदमे में है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि शिक्षक समाजसेवी और उदारवादी थे, सभी उनके व्यवहार की सराहना करते थे।

Updated on:
02 Jul 2026 08:16 pm
Published on:
02 Jul 2026 08:12 pm