
Snake rescuer python bite: सांप को देखकर जहां आम लोग डर के मारे दूर भागने लगते हैं, वहीं एक शख्स पिछले 15 साल से सांपों का रेस्क्यू कर लोगों को राहत पहुंचा रहा है। लेकिन मध्य प्रदेश के ब्यावरा क्षेत्र में रविवार शाम को एक ऐसा हादसा हुआ कि सर्पमित्र खुद शिकार हो गया। अजगर के रेस्क्यू के दौरान हाथ में काटने से गंभीर हालत में सर्प मित्र को राजगढ़ रेफर किया गया। जहां फिलहाल उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार समीप गांव नेटाठारी गांव में रविवार शाम को एक शिक्षक के घर अजगर का रेस्क्यू करने पहुंचे सर्पमित्र बालू शर्मा पिता पन्नालाल (42) को सांप ने उनपर हमला कर दिया।इसके बाद उनके हाथ में सूजन आ गई और हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। अभी भी उनकी हालत में सुधार नहीं है, हाथ में सूजन के साथ दर्द है, फिलहाल उनका उपचार जारी है।
बताया जा रहा है कि बालू शर्मा पिता पन्नालाल सीहोर में पुलिस विभाग में नौकरी करते है। नेटाठारी में गांव के बाहर उनका घर है, जहां परिवार सहित रहते है। पिछले करीब 15 साल से सांपों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब दो हजार से अधिक सांप अभी तक पकड़ चुके है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में किसी के घर या खेत में सांप निकलने की सूचना मिलती तो बालू मौके पर पहुंच जाते थे।
बताया जा रहा है कि अजगर जहरीला नहीं होता, लेकिन उसके काटने से भी गंभीर घाव, रक्तस्राव और संक्रमण का खतरा हो सकता है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इसका प्रभाव नस पर होता है तो अधिक परेशानी होती है। उक्त घटना एक बार फिर बताती है कि सांपों का रेस्क्यू करना कितना जोखिम भरा काम है। 15 साल का अनुभव होने के बावजूद रेस्क्यू के दौरान हादसा हो सकता है। ऐसे में सर्पमित्रों के लिए सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षित तरीके से रेस्क्यू करना बेहद जरूरी है।
सांप काटने पर घबराने के बजाए पीड़ित को शांत रखें और प्रभावित अंग को स्थिर रखें। बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाएं। प्रभावित अंग को छेड़ने या उसपर किसी प्रकार के घरेलु उपचार से बचें। सांप दिखाई देने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि प्रशिक्षित सर्पमित्र की मदद लें।