
Rajgarh news:एमपी के राजगढ़ जिले में टोल टैक्स के पास रविवार तड़के करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर मौजूद 15 गायों को कुचल दिया। हादसे में सभी गायों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने आज संबंधित विभागों की बैठक बुलाई है। बैठक में शहर और राष्ट्रीय राजमार्गों से आवारा मवेशियों को हटाने, उनके सुरक्षित प्रबंधन तथा भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस निर्णय लिए जाने की संभावना है। प्रशासन, नगर पालिका, पुलिस और पशुपालन विभाग के अधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे।
घटना के बाद मौका पाते ही ट्रक ड्राइवर ट्रक लेकर भाग निकला। इसके बाद गौं सेवकों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस नें तुरंत पहुंचकर राजगढ़ की ओर बैरिकेड लगाकर ट्रक रोकने की तैयारी की। कोतवाली पुलिस ने कुछ ही देर में उसे पकड़कर ट्रक जब्त कर लिया। घटके बाद सड़क का हाल पूरी तरह से बदल चुका था। हर तरफ जगह-जगह गोवंश के शव पड़े थे। हादसे के बाद कुछ देर हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
ब्यावरा थाना प्रभारी मंजू मखेनिया ने बताया कि हादसे में एक बछड़े सहित 15 गायों की मौत हुई है। ट्रक 1800 किमी. दूर तमिलनाडु से लोहे के सरिए लेकर पंजाब जा रहा था। घटना के बाद चालक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हादसे रोकने के लिए पुलिस और गोसेवक मिलकर सड़क पर घूमने वाले गोवंश के सींगों पर रेडियम लगाने का अभियान चलाया जाएगा जिससे रात में घूमने वाल मवेशियों को देखा जा सके।
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960) भारत सरकार द्वारा 26 दिसंबर 1960 को पारित किया गया एक मुख्य कानून है, जिसका उद्देश्य जानवरों को दी जाने वाली अनावश्यक पीड़ा या कष्ट को रोकना और पशु कल्याण को सुनिश्चित करना है।
क्रूरता के कार्य: किसी जानवर को पीटना, भूखा-प्यासा रखना, घायल होने पर इलाज न कराना, या उस पर अत्यधिक बोझ लादना इसके तहत अपराध है।
प्रतिबंध: जानवरों की लड़ाई कराना, उन्हें तमाशा या मनोरंजन के लिए इस्तेमाल करना, या पालतू पशुओं को बिना किसी कारण के सड़क पर छोड़ देना कानूनन गलत है।