
राजगढ़ कलेक्ट्रेट के गेट पर बैठा पीड़ित परिवार (फोटो सोर्स: Patrika)
Rajgarh News :मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वासे भोजपुर थाना इलाके के देवाखेड़ी गांव में झगड़े का दंश झेल रहे एक परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। हालात ये हैं कि, गांव वालों ने परिवार को गांव से ये कहते हुए निकाल दिया है कि, 'तुम्हारे झगड़े के कारण गांव में लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है। अब तुम लोग यहां से जाओ।' इसके बाद पीड़ित परिवार, जिसमें युवक के साथ उसकी पत्नी और नाबालिग बेटी शामिल है, न्याय की आस लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। परिवार कलेक्ट्रेट कार्यालय के गेट पर बैठ गया और उसके मुख्या ने कहा कि, जबतक हमें इंसाफ नहीं मिलता, हम यहीं रहेंगे। उन्होंने कलेक्टर-एसपी से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि, कुछ दिनों पहले गांव में हुए एक विवाद के कारण उन्हें लगातार नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि पिछले दिनों उनकी तैयार फसल को नष्ट कर दिया गया था, जब हमने उस मामले की शिकायत की तो अब गांव वालों ने उन्हें परिवार समेत गांव से बेदखल कर दिया है। उनका कहना है कि, गांव के लोग उन्हें कहते हैं कि तुम्हारे कारण नुकसान हो रहा है, इसलिए अब गांव छोड़ दो। परिवार का कहना है कि, मामले को लेकर वे पहले भी अधिकारियों के पास जा चुके हैं, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ।
भंवरलाल के अनुसार गांव में रहने पर मारपीट का डर बना रहता है। इसी कारण अब वे अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे हैं। उन्होंने कलेक्टर और एसपी से मामले में हस्तक्षेप कर परिवार की सुरक्षा और विवाद का निराकरण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि, जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, वे कलेक्टोरेट से वापस नहीं जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि, इससे पहले वे ट्रैक्टर लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे थे, जिसमें कटी हुई मक्का लदी थी। मक्का खराब हो चुकी थी। उन्होंने उस समय भी एसपी से इंसाफ की मांग की थी। लेकिन, उस समय मामले पर कोई ठोस निराकरण न हो पाने के कारण अब गांव वालों ने परिवार को गांव से ही बेदखल कर दिया है। ऐसे में अब परिवार कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर इंसाफ की गुहार लगा रहा है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, विवाद से जुड़ी कुछ चिट्ठियां भी उनके पास हैं। इनमें कथित तौर पर 14 लाख रुपए देने की बात लिखी है और राशि न देने पर नुकसान करने की चेतावनी दी गई है। परिवार ने इन चिट्ठियों को भी प्रशासन के सामने रखा है। चिट्ठी की सत्यता और इसे लिखने वाले की पहचान पुलिस जांच का विषय है। चिट्ठी में लिखा गया है कि, अगर ये फैसले वाली राशि नहीं दी गई तो गांव में उनका बड़ा नुकसान करेंगे, जिसके जिम्मेदार परिवार खुद होगा।
पीड़ित परिवार का दर्द सुनने पत्रिका की टीम मौके पर पहुंची। यहां बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि, गांव वालों ने हमें निकाल दिया, अब हमारे पास परिवार का सर छिपाने या आजीविका का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए वो अब तक तक पत्नी और बच्ची के साथ यहीं रहेंगे, जबतक प्रशासन आगे आकर गांव से उनका झगड़ा नहीं सुलझवा देता। उन्होंने बताया कि, इस झगड़े के कारण उन्हें अबतक करीब 10 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है, जबति गांव वालों का कहना है कि, उनके कारण गांव का नुकसान हो रहा है, वो गांव से निकल जाएं। उनकी जमीन भी गांव के लोग ही रखेंगे।
Updated on:
22 Sept 2026 06:22 pm
Published on:
22 Sept 2026 06:22 pm
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