
Ashoknagar news: गांजा तस्करी मामले में न्यायालय ने सख्त सजा दी है। एमपी के राजगढ़ जिले में 23 किलो 400 ग्राम गांजे की तस्करी के एक मामले में अदालत ने दो दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रुपए का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया गया है। मामला 19 अक्टूबर 2023 का है। बहादुरपुर थाने के तत्कालीन विवेचक एसआई पुनीत दीक्षित को मुखबिर से सटीक भनक लगी थी कि बड़वानी जिले के दो तस्कर ग्राम इकोदिया क्षेत्र में गांजे की बड़ी खेप खपाने आ रहे हैं।
बड़वानी निवासी कबीर आदिवासी और गणेश आदिवासी बाइक से गांजा खपाने पहुंचे तो पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। जिनके पास से 23 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। पकड़े जाने के बाद से ही दोनों आरोपी पिछले तीन साल से जेल में थे और उन्हें जमानत तक नसीब नहीं हुई।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में थाना पुलिस ने न्यायालय में गवाहों और सबूतों को समय पर पेश किया। जिला अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव की मजबूत दलीलों से अपराध साबित हुआ। अपराध सिद्ध होने पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश केके निमामा की अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को कठोर दंड दिया और तस्करी में इस्तेमाल बाइक को भी राजसात कर दिया गया है। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज के लिए गंभीर अपराध है, इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है। इससे तस्करों की बाइक भी अब सरकारी संपत्ति घोषित हो गई।
सजा: 10-10 साल की जेल और 1-1 लाख रुपये जुर्माना।
जब्ती: 23 किलो 400 ग्राम गांजा और तस्करी में प्रयुक्त बाइक (राजसात)।
दोषी: कबीर आदिवासी और गणेश आदिवासी निवासी- बड़वानी।
यह फैसला नशे के तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है। जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ हमारा अभियान निरंतर और अधिक सख्ती से जारी रहेगा। आम जनता से अपील है कि वे नशे के कारोबार से जुड़ी कोई भी सूचना बेझिझक पुलिस को दें।- राजीव कुमार मिश्रा, एसपी अशोकनगर