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ढोल बजाते हुए राजगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण, सरपंच-रोजगार सहायक पर लगाए गंभीर आरोप

Panchayat Corruption Allegations: जनसुनवाई में ढोल बजाते हुए पहुंचे घोड़ाखेड़ा गांव के लोग, पंचायत में कई योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, सरपंच-रोजगार सहायक के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग।
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villagers protest against sarpanch employment assistant panchayat corruption, बारिश में ढोल बजाते कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण (source-patrika)

Rajgarh Panchayat Corruption Allegations: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में ग्रामीण ढोल बजाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान पंचायत के सरपंच और रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप लगाए। खुजनेर तहसील के गांव घोड़ाखेड़ा के रहने वाले ग्रामीणों ने विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपए के कथित घोटाले का आरोप लगाते हुए अनोखे अंदाज में ये प्रदर्शन किया। ढोल के साथ जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और सरपंच व रोजगार सहायक के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत में सरकार की विभिन्न योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजनाओं के तहत स्वीकृत राशि का दुरुपयोग कर विकास कार्यों में गड़बड़ी की गई, जिससे शासकीय राशि का नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पंचायत में कराए गए सभी विकास कार्यों का मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उनका कहना है कि कई कार्य कागजों में पूर्ण दर्शाए गए हैं, जबकि धरातल पर उनकी स्थिति अलग है। यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा।

कई योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप

ग्रामीणों ने जिन योजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाया है, उनमें मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अधोसंरचना योजना, पांचवां राज्य वित्त आयोग, स्टांप शुल्क (राज्य स्तर), ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना, आरजीपीएसए सहित अन्य पंचायत योजनाएं शामिल हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें गोपाल पटेल, सुरेश, मांगीलाल पटेल, छगन, बाबूलाल, दुर्गेश, गोविंद, रामचंद्र भिलाला, लक्ष्मीनारायण, दौलतराम, रामबाबू, हरिसिंह, देवराज, शिव, दिलीप वर्मा, रामस्वरूप, रामचंद्र सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

प्रशासन के समक्ष रखीं ये प्रमुख मांगें

  • पंचायत के सभी विकास कार्यों की तकनीकी व वित्तीय जांच।
  • मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन।
  • दोषी पाए जाने पर सरपंच एवं रोजगार सहायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई।
  • शासकीय राशि की वसूली और दोषियों पर सख्त कार्रवाई।