
Road Condition: राजनांदगांव जिले के गांवों की सड़कें सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी की बुनियादी जरूरत हैं। लेकिन सुकुलदैहान से मुढ़िया मोहारा तक सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। अब 12 दिनों बाद क्वांर नवरात्र शुरू होंगे और इसी मार्ग से डोंगरगढ़ पहुंचने वाले पदयात्री गुजरेंगे। ऐसे में यदि सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो श्रद्धालुओं के लिए सफर मुश्किल भरा हो सकता है।
बारिश के दिनों में सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए थे। जर्जर सड़क की समस्या को लेकर ‘पत्रिका’ में खबर प्रकाशित होने के बाद गड्ढों में जीरा गिट्टी डलवाई गई थी, लेकिन हाल ही में दो दिनों तक हुई लगातार बारिश के बाद यहां डाली गई गिट्टी फिर उखड़ गई। हालात इतने खराब हैं कि दोपहिया और साइकिल सवारों के लिए हर सफर जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
लिटिया से आगे सुकुलदैहान मार्ग पर सड़क की स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले माह पीडब्ल्यूडी विभाग ने गड्ढों में गिट्टी का चूरा डलवाया था, लेकिन बारिश के बाद वह भी बह गया। इसके चलते सड़क दोबारा गड्ढों में तब्दील हो गई है।
दीनानाथ देवांगन, ग्रामीण के मुताबिक, स्कूली बच्चे रोजाना साइकिल से इसी मार्ग से गुजरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बच्चे हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। कुछ दिन पहले धनराज देवांगन का ई-रिक्शा भी पलट गया था, जिससे वे घायल हो गए।
गोपाल देवांगन, ग्रामीण के मुताबिक, धान कटाई का समय नजदीक है। किसानों को अपनी उपज सोसायटी तक पहुंचानी होगी, लेकिन गड्ढों से भरी सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाना मुश्किल है। पिछले साल धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना भी हो चुकी है।
चंद्रकुमार देवांगन, ग्रामीण के मुताबिक, ग्रामीणों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग को सड़क निर्माण के लिए आवेदन और ज्ञापन दिया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। खराब मार्ग के कारण लोगों को ठेलकाडीह के रास्ते राजनांदगांव जाना पड़ रहा है।
संजू महिलांगे, ग्रामीण के मुताबिक, सुकुलदैहान से राजनांदगांव जाने के लिए यह प्रमुख मार्ग है। गांव में अस्पताल होने के बावजूद खराब सड़क के कारण मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है।