
Dongargarh Knife Attack: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला शहर के वार्ड नंबर 2 स्थित कुम्हारपारा और नाकापारा के आसपास का है, जहां पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते मामूली विवाद ने एक खूनी और हिंसक संघर्ष का रूप ले लिया। इस खूनी झड़प में दोनों पक्षों के करीब नौ लोगों के घायल होने की सूचना है, जिनमें से कई गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए राजनांदगांव रेफर किया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डोंगरगढ़ के कुम्हारपारा और नाकापारा क्षेत्र में हुई इस घटना की जड़ें पुरानी रंजिश से जुड़ी हैं। बताया जा रहा है कि इस विवाद की शुरुआत बीते नवरात्र के दौरान हुए एक पुराने झगड़े से हुई थी। उसी रंजिश को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में गाली-गलौज और हिंसक मारपीट में बदल गई। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि दोनों पक्षों की ओर से धारदार हथियारों और चाकू का इस्तेमाल किया गया। इस चाकूबाजी की घटना में दोनों पक्षों के कई लोग लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।
इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल नौ लोग घायल हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, एक पक्ष से रवि वर्मा, मनोज कुंभकार, मोहन कुंभकार, दुर्गेश कुंभकार, शांति बाई कुंभकार और नारायण कुंभकार घायल हुए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से भार्गव राव, मनीष कुमार वर्मा और सुमित मिश्रा के घायल होने की बात सामने आई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत के आधार पर बलवा, आर्म्स Act (हथियार अधिनियम) और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी देव वर्मा और सुमित मिश्रा सहित अन्य संलिप्त आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
इस खूनी संघर्ष के ठीक बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मारपीट और धक्का-मुक्की का माहौल साफ देखा जा सकता है। वायरल वीडियो में डोंगरगढ़ भाजपा के पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष बताए जा रहे एक व्यक्ति को कुछ अन्य लोगों के साथ विवाद करते हुए भी देखा जा रहा है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिख रहे चेहरों, घटनाओं के क्रम और उनकी वास्तविक भूमिका की सत्यता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। शहर में लगातार बढ़ रही इस तरह की वारदातों के बीच अब स्थानीय नागरिकों की निगाहें पूरी तरह से पुलिस की सख्त कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।