राजनंदगांव

महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर बड़ा खुलासा! जमीन के नीचे दबाकर रखे थे राइफल, पिस्तौल समेत भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

Gadchiroli Maoist Weapons: महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे गड़चिरोली के कोपर्शी जंगल में पुलिस ने जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया माओवादियों का हथियारों का जखीरा बरामद किया है।
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Maoist Weapons Seized
माओवादियों की बड़ी साजिश नाकाम (Photo Source- Patrika)

Maoist Weapons Seized: महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे गड़चिरोली के कोपर्शी जंगल में पुलिस ने माओवादी गतिविधियों से जुड़े हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, माओवादियों ने हथियार और विस्फोटक जमीन के नीचे छिपाकर रखे थे। विशेष अभियान के दौरान पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीम ने जंगल की तलाशी ली, जिसके बाद जमीन के नीचे दबाकर रखी गई सामग्री का पता चला। पुलिस ने मौके से छह हथियारों के अलावा बड़ी संख्या में कारतूस, BGL सेल, डेटोनेटर, केबल वायर और संचार उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि यह सामग्री सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती थी।

Gadchiroli Latest News: सूचना के बाद जंगल में शुरू हुआ विशेष अभियान

पुलिस को सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के दुर्गम जंगल क्षेत्र में माओवादियों ने हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है। सूचना के आधार पर गड़चिरोली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के लिए विशेष अभियान दल की पांच टुकड़ियों के साथ बीडीडीएस की दो टुकड़ियों को इलाके में भेजा गया। जवानों ने जंगल के संवेदनशील और दुर्गम हिस्सों में सघन तलाशी अभियान चलाया।

जमीन के नीचे छिपा था हथियारों का जखीरा

तलाशी के दौरान बीडीडीएस के जवानों को जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई सामग्री के बारे में सुराग मिला। सावधानीपूर्वक जांच के बाद वहां से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों में एक .303 राइफल, दो सिंगल शॉट राइफल, दो देसी पिस्तौल और एक BGL लांचर शामिल है। इसके अलावा 10 BGL सेल और 21 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

डेटोनेटर और केबल वायर भी मिले

हथियारों के साथ पुलिस को बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी मिली है। तलाशी के दौरान सात डेटोनेटर और करीब 150 मीटर केबल वायर बरामद किया गया। इसके अलावा दो मैगजीन भी मिली हैं। पुलिस ने मौके से कुकरी समेत अन्य माओवादी सामग्री भी बरामद की है। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

संचार उपकरण भी बरामद

पुलिस की कार्रवाई में हथियारों के साथ संचार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी मिले हैं। टीम ने तीन वॉकी-टॉकी, तीन वॉकी-टॉकी चार्जर और दो वॉकी-टॉकी बैटरियां बरामद की हैं। संचार उपकरणों की बरामदगी से पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इनका इस्तेमाल माओवादी गतिविधियों के दौरान किस तरह किया जाता था।

सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की तैयारी का दावा

महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार, माओवादी अक्सर जंगल और दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर हथियार तथा विस्फोटक सामग्री को अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखते हैं। जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल सुरक्षा बलों के खिलाफ हमले में किया जाता है। पुलिस का कहना है कि जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया यह जखीरा भी सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की तैयारी का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, बरामद सामग्री का इस्तेमाल किस घटना या किस योजना के लिए किया जाना था, इसकी जांच की जा रही है।

Anti Maoist Operation: माओवादी सामग्री को मौके पर किया गया नष्ट

अभियान के दौरान बरामद अन्य माओवादी सामग्री को सुरक्षा मानकों के तहत मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। बीडीडीएस की टीम ने पूरे इलाके की सुरक्षा जांच के बाद कार्रवाई पूरी की। पुलिस के अनुसार, अभियान पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के आदेश और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाया गया। इसमें विशेष अभियान दल, प्राणहिता, आईएनटी सेल और बीडीडीएस के जवान शामिल रहे।

सीमा क्षेत्र में लगातार अभियान

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे जंगल लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर माओवादी इन इलाकों में हथियार और अन्य सामग्री छिपाते रहे हैं। कोपर्शी जंगल में हुई इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में निगरानी और तलाशी अभियान को और मजबूत किया है। बरामद हथियारों और अन्य सामग्री के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन्हें जंगल में कब और किसके द्वारा छिपाया गया था।

Updated on:
07 Oct 2026 05:53 pm
Published on:
07 Oct 2026 05:52 pm