राजनंदगांव

Managata Resort: मनगटा में ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, बोले- पर्यटन बचाना है तो अवैध रिसॉर्टों पर बुलडोजर चलाओ

Managata Resort Protest: राजनांदगांव के मनगटा क्षेत्र में रिसॉर्ट से जुड़े विवाद के बाद ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। स्थानीय लोगों ने कथित अवैध रिसॉर्टों, संदिग्ध गतिविधियों और बढ़ती असुरक्षा को लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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Managata Resort
Managata Resort: अवैध रिसॉर्टों पर चलाओ बुलडोजर(photo-patrika)

Managata Resort: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के मनगटा स्थित रिसॉर्ट में युवती की संदिग्ध मौत के बाद अब मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। जिसमे मनगटा, झूराडबरी, जोरातराई, बघेरा सहित आसपास के गांवों में कथित रूप से संचालित हो रहे अवैध रिसॉर्टों के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है।

क्षेत्र में बढ़ रही संदिग्ध गतिविधियों, नशाखोरी और विवादित घटनाओं को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने मनगटा में एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे रिसॉर्टों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उन्हें बंद कराया जाए।

Protest in Managata Resort: प्राकृतिक पर्यटन स्थल की छवि खराब होने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि जिस क्षेत्र को वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक पर्यटन के लिए विकसित किया गया था, वहां अब अवैध व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा वन चेतना केंद्र की स्थापना क्षेत्र में प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। यहां सफारी, ट्री हाउस, टेंट हाउस और मड़ हाउस जैसी सुविधाओं के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक परिवार के साथ पहुंचते थे। ग्रामीणों के अनुसार, पहले यह क्षेत्र शांत और प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचाना जाता था, लेकिन अब कुछ गतिविधियों के कारण इसकी छवि प्रभावित हो रही है।

रिसॉर्टों में नशाखोरी और संदिग्ध गतिविधियों का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में कई रिसॉर्ट संचालित होने लगे हैं। इनमें से कुछ के संचालन को लेकर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इन रिसॉर्टों के कारण नशाखोरी और अन्य संदिग्ध गतिविधियां बढ़ी हैं। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि आसपास के क्षेत्रों में कुछ संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले सामने आए हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

किसानों की जमीन के उपयोग पर उठाए सवाल

जिला पंचायत सदस्य अंगेश्वर देशमुख ने अवैध रिसॉर्टों को बंद कराने की मांग करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की। वहीं जनपद सदस्य मोहनिस धनकर ने कहा कि जिस तरह जिला प्रशासन ने हाल ही में 150 एकड़ में हुई अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की है, उसी तरह अवैध रिसॉर्टों (Managata Resort) पर भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन कम कीमत पर खरीदकर उसे आवासीय उपयोग के नाम पर लिया जाता है, लेकिन बाद में उसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

महिलाओं ने भी संभाला मोर्चा

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया। महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर धरना स्थल पर पहुंचीं, जिन पर "अवैध रिसॉर्ट बंद करो", "नशाखोरी पर रोक लगाओ" और "अवैध प्लॉटिंग बंद करो" जैसे संदेश लिखे थे। महिलाओं ने कहा कि पहले यह क्षेत्र परिवारों के घूमने और प्रकृति का आनंद लेने का स्थान था, लेकिन अब कथित गतिविधियों के कारण माहौल बदल रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।

जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद

धरना प्रदर्शन में विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, जिला पंचायत सदस्य अंगेश्वर देशमुख, जनपद सदस्य मोहनिस धनकर सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने कहा कि पर्यटन की संभावनाओं वाले इस क्षेत्र को कुछ लोगों की गतिविधियों के कारण बदनाम नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संदिग्ध गतिविधियों और अवैध रिसॉर्टों पर तत्काल कार्रवाई कर उन्हें बंद कराया जाए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी है।

Updated on:
26 Jun 2026 12:18 pm
Published on:
26 Jun 2026 12:16 pm