
New Rail Line: डोंगरगढ़ से कटघोरा तक प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित नई रेल लाइन परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में है। सात वर्ष पहले भूमिपूजन के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाने से क्षेत्र में असमंजस और नाराजगी का माहौल है। परियोजना को अब तक राजपत्र में प्रकाशित नहीं किया गया है और न ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ हो सकी है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और सरकारी दावों के बावजूद जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं।
डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन को राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह परियोजना क्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से को सीधा लाभ पहुंचाने वाली है। इसके बन जाने से राजनांदगांव के साथ-साथ खैरागढ़, कवर्धा और मुंगेली जैसे जिले पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इससे न केवल यात्री सुविधा बढ़ेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी नई दिशा मिलेगी।
इसके विपरीत राजनांदगांव जिले के परमालकसा से खरसिया तक प्रस्तावित नई रेल लाइन को लेकर राजपत्र में प्रकाशन हो चुका है और प्रभावित जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
इसी बीच राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य मुलाकात कर क्षेत्र की रेल सुविधाओं और लंबित परियोजनाओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने विशेष रूप से डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की। सांसद ने इसे क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग बताते हुए त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया।
सांसद ने इसके अलावा कई ट्रेनों के ठहराव की मांग भी रखी। इनमें भगत की कोठी-बिलासपुर एक्सप्रेस का डोंगरगढ़ में ठहराव, हटिया एक्सप्रेस (लोकमान्य तिलक-हटिया) का राजनांदगांव में स्टॉपेज, पुरी-गांधीधाम तथा पुरी-अजमेर ट्रेनों का राजनांदगांव में ठहराव शामिल है। उन्होंने कहा कि ये मांगें सामाजिक और यात्री सुविधा की दृष्टि से आवश्यक हैं। रेल मंत्री ने इन मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए थे।