राजनंदगांव

राजनांदगांव के 9 गांव की महिलाएं कर्ज में दबीं, वन-धन योजना के तहत लगाया लाखों का चूना

Van Dhan Yojana Scam: औंधी क्षेत्र के 9 गांवों की महिलाओं द्वारा खरीदे गए महुआ का भुगतान करीब चार साल से अटका हुआ है। हालत यह है कि सैकड़ों महिलाएं कर्ज के बोझ से दबीं हुई है..

2 min read
Van Dhan Yojana Scam, Chhattisgarh News, rajnandgaon news
Chhattisgarh News: राजनांदगांव के 9 गांव की महिलाएं कर्ज में दबीं ( Photo -Patrika )

Rajnandgon News: छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई वन-धन योजना अब कई महिला स्व-सहायता समूहों के लिए परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। औंधी क्षेत्र के 9 गांवों की महिलाओं द्वारा खरीदे गए महुआ का भुगतान करीब चार वर्षों बाद भी नहीं मिलने से सैकड़ों महिलाएं कर्ज और आर्थिक संकट से जूझ रही हैं।

Van Dhan Yojana Scam: महुआ खरीदी का नहीं हुआ भुगतान

विकास उत्पाद समूह औंधी सहित आसपास के गांवों की महिलाओं ने वर्ष 2022 में ममता क्लस्टर औंधी से ऋण लेकर महुआ खरीदी की थी। बाद में यह महुआ क्षेत्र के व्यापारी उमेश टोप्पो को बेच दिया गया। महिलाओं का आरोप है कि महुआ खरीदने के बाद उमेश ने आज तक पूरा भुगतान नहीं किया। बकाया राशि लगभग 14 लाख रुपए बताई जा रही है।

बड़ा सवाल- मेहनत का पैसा कब मिलेगा

वन-धन योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था, लेकिन भुगतान अटकने से महिला समूह आर्थिक संकट में फंस गए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 14 लाख रुपए की बकाया राशि महिलाओं को कब मिलेगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी,यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो महिला समूहों का भरोसा सरकारी योजनाओं और वन उत्पाद कारोबार दोनों से उठ सकता है। महिलाओं की मांग है कि प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कर बकाया राशि दिलाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

धमतरी कोल्ड स्टोरेज का बहाना

महिला समूहों का कहना है कि जब भी भुगतान की मांग की जाती है, तब व्यापारी यह कहकर टालमटोल करता रहा कि महुआ अभी धमतरी के कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ है और बिक्री के बाद भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन समय बीतता गया और महिलाओं को उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिली।

घर पहुंचीं महिलाएं

विकास उत्पाद समूह औंधी की महिलाओं ने जब अपने बकाया पैसे की मांग को लेकर उमेश टोप्पो के घर पहुंचकर मुलाकात करने की कोशिश की, तो वह घर पर नहीं मिला। महिलाओं का कहना है कि उसकी पत्नी ने भी उसके ठिकाने और गतिविधियों की जानकारी होने से इनकार कर दिया।

कर्ज चुकाने की चिंता

महिलाओं ने महुआ खरीदी के लिए क्लस्टर से ऋ ण लिया था। अब भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें कर्ज की किश्तें चुकाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई समूहों पर ब्याज का बोझ बढ़ता जा रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है।

केवल आश्वासन मिलता रहा

बताया जा रहा है कि सरखेड़ा, औंधी, जामड़ी, नेवारगांव, सेमरबांधा, बोड़ेगांव, अरजगुबला, गुड़ारास और पेंदोड़ी सहित 9 गांवों के महिला समूहों से महुआ खरीदा गया था। भुगतान नहीं मिलने पर महिलाओं ने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद उमेश टोप्पो द्वारा सेमरबांधा और जामड़ी के कुछ समूहों को आंशिक भुगतान किया गया, लेकिन अधिकांश
महिलाओं की राशि अब भी बकाया है। महिलाओं का आरोप है कि वह समय-समय पर पैसा देने का आश्वासन देता रहा और अब संपर्क से बाहर है।

औंधी थाना प्रभारी सतीश साहू ने बताया कि महिलाओं की ओर से शिकायत की गई थी। व्यापारी ने कुछ को राशि का भुगतान कर दिया है। अन्य का भुगतान करने का आश्वासन दिया है।

Published on:
11 Jun 2026 02:31 pm