Commercial Cylinder: राजनांदगांव जिले में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने का सीधा असर शहर के स्ट्रीट फूड कारोबार पर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि शहर में रोजाना लगने वाली 50-60 से अधिक छोटी फूड दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।
Commercial Cylinder: राजनांदगांव जिले में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने का सीधा असर शहर के स्ट्रीट फूड कारोबार पर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि शहर में रोजाना लगने वाली 50-60 से अधिक छोटी फूड दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। इससे ठेला, गुमटी और फुटपाथ पर नाश्ता-खाने की दुकान लगाने वाले छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों तथा स्कूल-कॉलेज के आसपास चॉट, समोसा, पकौड़े, चाउमीन और अन्य फास्ट फूड बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से दुकान चलाना मुश्किल हो गया है। कई दुकानदारों ने फिलहाल कारोबार बंद कर दिया है, जबकि कुछ होटल और ढाबा संचालक लकड़ी के चूल्हे या भट्टी का सहारा लेकर काम चला रहे हैं।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति ठप होने का असर बाजार में तो दिख रहा है। वहीं डोंगरगढ़ नवरात्र मेले में भी इसका असर दिखेगा। दरअसल ज्यादातर होटल सहित अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले सिलेंडर का ही इस्तेमाल करते हैं।
होम प्राइड इंडेन डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि सोमवार से स्थिति में सुधार आने की संभावना है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई शुरू होगी। २० प्रतिशत सप्लाई होती ताकि राहत मिल सके। डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि रसोई गैस उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए गैस सिलेंडर की बुकिंग अब कई डिजिटल माध्यमों से आसानी से की जा सकती है। गैस कंपनी ने उपभोक्ताओं के लिए 6 स्मार्ट बुकिंग मोड उपलब्ध कराए हैं, जिनके माध्यम से घर बैठे सिलेंडर बुक किया जा सकता है।
वितरक के अनुसार एक साथ अत्यधिक बुकिंग होने से कई बार सर्वर पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने बताया कि सुबह लगभग 7 बजे के आसपास बुकिंग आसानी से हो रही है, इसलिए उपभोक्ता अलग-अलग विकल्पों का उपयोग कर बुकिंग कर सकते हैं।
दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी उपभोक्ताओं के बीच मारामारी की स्थिति बनी हुई है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के बावजूद समय पर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है। गैस एजेंसियों की ओर से सिलेंडर मिलने की अगली तिथि का मैसेज भेजा जा रहा है, जिसमें शहरी उपभोक्ताओं को करीब 25 दिन और ग्रामीण उपभोक्ताओं को लगभग 45 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
इस स्थिति के कारण लोग अलग-अलग कार्ड के जरिए अतिरिक्त सिलेंडर जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं गैस की कमी को देखते हुए बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। कुछ होटल संचालक लकड़ी का इस्तेमाल कर चूल्हा जला रहे हैं।