Rajsamand Gram Panchayat Patta Ban: राजसमंद जिले की ग्राम पंचायतों द्वारा पट्टे जारी करने में अनियमितताएं उजागर होने के बाद अब जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला कलक्टर ने आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संपन्न होने तक ग्राम पंचायतों से जारी होने वाले नए पट्टों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी […]
Rajsamand Gram Panchayat Patta Ban: राजसमंद जिले की ग्राम पंचायतों द्वारा पट्टे जारी करने में अनियमितताएं उजागर होने के बाद अब जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला कलक्टर ने आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संपन्न होने तक ग्राम पंचायतों से जारी होने वाले नए पट्टों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है।
जिला कलक्टर के जनसुनवाई, रात्रि विश्राम और निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों की ओर से जारी हुए नए पट्टों में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें मिलीं। जिला प्रशासन की ओर से हुई जांच में सामने आया कि राजस्थान पंचायती राज नियमों की पूर्ण पालना किए बिना ही कई स्थानों पर पट्टे जारी कर दिए गए।
ऐसे में नियम विरूद्ध जारी किए गए पट्टों से भूमि के दुरुपयोग की आशंका के साथ-साथ विभिन्न राजस्व न्यायालयों में प्रकरण दर्ज होने से सरकार पर अनावश्यक आर्थिक और कानूनी भार बढ़ रहा था।
सरपंचों का कार्यकाल समाप्त हो जाने और पंचायत चुनाव नहीं होने की स्थिति में पंचायती राज विभाग जयपुर की अधिसूचना के अनुसार ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए थे। इनके सहयोग के लिए प्रशासकीय समितियों का गठन भी किया गया था। इस दौरान जिला प्रशासन ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखे हुए था।
विभिन्न अनियमितताओं के चलते जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने सभी विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायतों की वर्तमान में संचालित पट्टा बुक अपने नियंत्रण में रखने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं सार्वजनिक प्रयोजन की अत्यावश्यक स्थिति में ही विकास अधिकारी के पर्यवेक्षण में नियमों की पूर्ण पालना करते हुए पट्टे जारी किए जा सकेंगे।