
देवगढ़. पीपलीनगर पंचायत के कुड़ीवेर में 6 जनवरी को बजली चोरी पकडऩे गए विद्युत निगम सतर्कता दल पर जानलेवा हमला कने वाले मुख्य आरोपित को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अब तक पुलिस आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। उदयपुर अस्पताल में उपचाररत घायलों की हालत में सुधार है। पुलिस के अनुसार कुड़ीवेर पीपली नगर निवासी देवीसिंह पुत्र हजारीसिंह, हजारीसिंह पुत्र पन्नासिंह, हरिसिंह पुत्र पूनमसिंह, गीता पत्नी प्रकाशसिंह व ममता पत्नी शौकीनसिंह को राजकार्य में बाधा डालने व प्राणघातक हमले के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों महिलाओं सहित हजारीसिंह व हरिसिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके अलावा देवीसिंह को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इसके अलावा मुख्य आरोपी भैरूसिंह पुत्र चुन सिंह रावत को भी पुलिस ने सोमवार रात को गिरफ्तार कर लिया। 6 जनवरी को हुए हमले में घायल बार निवासी सहायक अभियंता सत्येंद्रसिंह, लाइनमैन ईश्वरसिंह, जगमाल गुर्जर, तकनीकी सहायक देवेंद्र, शेषपालसिंह का उदयपुर अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी की हालत खतरे से बाहर है।
यह था मामला
कुड़ीवेर में भैरूसिंह, चुन्नासिंह व नारायणसिंह के कुएं पर बिजली चोरी की सूचना मिली। इस पर विद्युत निगम दल बिजली चोरी पकडऩे पहुंचा, तो लोगों ने घेर कर लाठी, कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। छीना झपटी में विद्युत निगम दल में शामल अधिकारी व कार्मिक गंभीर घायल हो गए।
विद्युत कार्मिकों ने सौंपा ज्ञापन
राजसमंद. विद्युत वितरण अधिकारी सत्येन्द्र पाल एवं उनकी टीम पर शनिवार को देवगढ क्षेत्र में हुए जानलेवा हमले को लेकर अजमेर विद्युत वितरण निगम अधिकारी एवं रमिक संघ द्वारा सोमवार को राज्य सरकार से सुरक्षा की मांग की गई।मांग पत्र में बताया कि आए-दिन ऐसे जानलेवा हमले से सभी कार्मिकों और अधिकारीयों में भय व्याप्त हैं। ऐसे में उपखण्ड स्तर पर अधिशाषी अभियन्ता एवं अधिकारीयों की सुरक्षा के लिए हथियाबंद सुरक्षा कर्मी की नियूक्ति या सर्तकता लक्ष्यों की बाध्यता को खत्म करना, ओ एण्ड एम अधिकारीयों को सर्तकता से कार्यमुक्त, विशेष प्रशिक्षण, वर्दी एवं शक्तियां प्रदान करना व आत्मरक्षा के लिए हथियार का लाईसेंस आदि मांग पत्र में मांग की गई। यह जानकारी श्रमिक संघ के अध्यक्ष धरमू पारवानी ने दी।