सरकार ने बजट में ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक खोलने की घोषणा की है। इसके तहत राजसमंद की 24 ग्राम पंचायत में पहले चरण में बर्तन बैंक बनाए जाएंगे। इसके लिए स्वयं सहायता समूह और ग्राम पंचायतों के बीच के एमओयू कराए गए।
राजसमंद. जिला परिषद सभागार में स्वयं सहायता समूहों की बैठक हुई। पंचायतों में खुलने वाले बर्तन बैंक के लिए एमओयू करवाए गए। राज्य सरकार ने बजट घोषणा वर्ष 2025-26 की पालना में ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के लिए ग्राम पंचायतो में बर्तन बैंक की स्थापना की जाएगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृज मोहन बैरवा ने बताया कि प्रथम चरण में राजसमंद जिले की 24 ग्राम पंचायतों को इसमें शामिल किया गया है। एसीईओ डॉ. सुमन अजमेरा ने बताया कि बर्तन बैंक योजना का उद्देश्य सामूहिक आयोजनों में प्लास्टिक उपयोग को प्रतिबंधित कर पर्यावरण हितैषी स्टील बर्तनों को बढ़ावा देना है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में 400 बर्तन सेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें एक सेट में 1 प्लेट, 3 कटोरी, 1 चम्मच और 1 गिलास (कुल 6 बर्तन) होंगे। प्रत्येक बर्तन पर ग्राम पंचायत का नाम, बर्तन बैंक एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का लोगो अंकित होगा। इन बर्तनों का किराया 3 प्रति सेट निर्धारित किया गया है। इसमें बीपीएल, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन एवं विशेष परिस्थितियों में 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान भी रखा गया है। बर्तन बैंकों का संचालन राजीविका की महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से किया जाएगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर मिलेगा।
राजसमंद जिले की आमेट स्थित जिलोला, लिंकी, आगरिया में बर्तन बैंक खोला जाएगा। इसी प्रकार भीम की छापली, टोगो, कुकरखेड़ा में देवगढ़ की आंजना, मियाला, दोलपुरा में, खमनोर की खमनोर, कोठारिया, गूंजोल, राजसमंद के पिपलांत्री, मोही, कुवारिया, कुंभलगढ़ के केलवाड़ा, गढ़बोर, ओड़ा ने, रेलमगरा की गोगाथला, कुंडिया, बनेडिय़ा में और देलवाड़ा की ेलवाड़ा, सालौर, करौली पंचायत में बर्तन बैंक खोला जाएगा।