बजरी के अवैध दोहन से ग्रामीणों को हो रहा दोहरा नुकसान, प्रशासन फिर भी नहीं दे रहा ध्यान
पीपली आचार्यान. सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद राज्यावास के पास बनास नदी में पूरी रात मशीनों से अवैध रूप से बजरी का दोहन किया जा रहा है। यहीं नहीं बजरी को ट्रैक्टर व डंपर आदि वाहनो में ओवरलोड भरकर ले जाए जाने से क्षेत्र की सड़कों को भी नुकसान हो रहा है। इस तरह एक तो बजरी के अवैध दोहन से भूजल स्तर प्रभावित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही है। बनास नदी से बजरी खनन कर रहे ओवरलोड वाहनों के चलते राज्यावास ग्राम पंचायत में रेलमगरा मार्ग, कांकरोली मार्ग, फतहनगर मार्ग सहित गांवों की सभी डामर एवं सीसी सड़कें खराब हो जाने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के साथ ही कई जगह पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। क्षेत्र में रात्रि 11 से सुबह 5 बजे तक लगभग 200 डंपर बजरी के रोज निकलने से ग्रामीण रात भर परेशान हो रहे हैं।
सड़कें क्षतिग्रस्त होने से बाइक सवार हर दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस प्रकार प्रशासन की लापरवाही से एक तो अदालती आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और भूजल स्तर गिर रहा है। वहीं, सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के ग्रामीणों को दोहरा नुकसान हो रहा है।
बनास पेटे में खाली कर रहे केमिकल
राज्यावास बनास नदी पेटे में कुछ लोगों द्वारा केमिकल भी डाला जा रहा है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे नदी पेटे के आसपास खेतों पर रह रहे किसानों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। केमिकल की बदबू व लोगों की आंखों में जलन की शिकायत आ रही है। केमिकल के मिट्टी में घुल जाने से इसके कुओं के पानी को भी खराब करने की आशंका है।
सरपंच ने कलक्टर से की शिकायत
राज्यावास ग्राम पंचायत के सरपंच बाबूलाल खारोल ने अवैध रेती दोहन एवं इससे क्षतिग्रस्त हो रही सड़कों एवं केमिकल को लेकर कलक्टर को पत्र लिखकर भी शिकायत की है।