जन्माष्टमी, नन्द महोत्सव को लेकर रहेगी विशेष व्यवस्था, १२० फीट रोड पर रहेगी पार्किंग
नाथद्वारा. पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधानपीठ नाथद्वारा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी ३ एवं नंद महोत्सव ४ सितंबर को मनाया जाएगा। जन्माष्टमी के दिन रात्रि को १२ बजे श्रीकृष्ण के जन्म पर रिसाला चौक में २१ तोपों की सलामी भी दी जाएगी। इसको लेकर मंदिर में दर्शन समय में बदलाव रहेगा। साथ ही यहां आने वाले वैष्णवों के लिये भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से न्यॅू कॉटेज परिसर व श्री दामोदरधाम में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। आगन्तुक वैष्णवों की सुविधाके लिए पानी-प्रकाश व स्वच्छता की व्यवस्था की गई है। मंदिर मंडल के मुख्य निष्पादन अधिकारी जितेन्द्र ओझा ने बताया कि वैष्णवों को सुगमता से आवास उपलब्ध कराने के लिए मन्दिर मण्डल द्वारा केन्द्रीय पूछताछ एवं आरक्षण कार्यालय को चौबीस घंटे खुले रखने की व्यवस्था की गई है। वैष्णवों के आवास, सुरक्षा व सुविधाजनक दर्शन-व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। आपात चिकित्सा के लिए माणक चौक में बनाए गए अस्थाई कंट्रोल रूम पर व मोतीमहल एवं न्यू कॉटेज परिसर में एम्बूलेन्स व चिकित्सा टीम तैनात रहेगी। असामाजिक तत्वों पर निगरानीको लेकर विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही वीडियो रिकॉर्डिंग कराने की व्यवस्था की गई है। माणक चौक में कन्ट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां से दर्शन व आवास संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। यहां सीसीटीवी का लाइव डिस्प्ले भी किया जाएगा एवं सुरक्षा प्रहरी सतत् निगरानी रखेंगे। माणक चौक में पब्लिक एड्रेस सिस्टम पर भगवान श्रीकृष्ण के मधुर संगीत के प्रसारण की व्यवस्था की गई है। नगर में आने वाले यात्री वाहनों की अस्थाई पार्किंग राउमावि एवं फौज मोहल्ला स्थित मोर्डन स्कूल में की जाएगी। वहीं, 120 फीट रोड के नवनिर्मित पार्किंग स्थल पर भी स्थाई पार्किंग व्यवस्था शुरू की गई है।
दर्शन समय
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सोमवार को दर्शन का समय
दर्शन समय खुले रहने का समय (संभावित)
मंगला(पंचामृत) : प्रात: 4.45 बजे से लगभग दो घंटा तक
शृंगार : प्रात: 9.30 बजे से लगभग एक घंटे तक
राजभोग : अपरान्ह 2.15 बजे से लगभग दो घंटे तक
भोग आरती : रात्रि 7.45 बजे से लगभग एक घंटे तक
जागरण् के दर्शन : रात्रि 9 बजे से लगभग ढाई घंटे तक
4 सितंबर को नन्द उत्सव पर दर्शन का समय (संभावित)
केसर युक्त दही, छाछ छिडक़ाव : प्रात: 7.30 से 11 बजे तक
मंगला एवं शृंगार : दोपहर 12.15 बजे से लगभग आधा घंटे तक
राजभोग : अपरान्ह 2.15 बजे से लगभग एक घंटे तक
उत्थापन : रात्रि 7.30 बजे से लगभग आधा घंटे तक
भोग आरती : रात्रि 8 बजे से लगभग एक घंटे तक
(विशेष:-सेवा-पूजा परम्परा एवं विधि-विधान से होने के कारण किसी भी दर्शन के समय में परिवर्तन संभव है।)
झांकियों का प्रदर्शन
विद्यालयों व संस्थाओं के सहयोग से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन विशेषकर बालचित्रण से संबंधित विभिन्न लीलाओं की जीवन्त झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन झांकियों के साथ हाथी, घोड़े, ऊंट, नक्कारे, श्रीनाथ बैण्ड, भजन मण्डलियां व परम्परागत नक्कारा-निशान के साथ सुखपाल में श्रीकृष्ण की बाल स्वरूप की छवि पधराई जाकर तीन सितंबर को शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह रिसाला चौक से शुरू होकर गांधी रोड, देहली बाजार, गुर्जरपुरा, बड़ा बाजार, मन्दिर परिक्रमा, प्रीतमपोली, नया बाजार एवं चौपाटी से होकर पुन: रिसाला चौक में विसर्जित होगी। वहीं, जन्माष्टमी पर मन्दिर के राजपुरोहित द्वारा प्रात: कृष्णावतार के विवरण के साथ श्रीकृृष्ण की जन्मकुण्डली मन्दिर खास में स्थित मणिकोठे से सुनाई जाएगी।
दुपहिया वाहनों पर रोक
शहर में मंदिर के आसपास दो दिन तक दुपहिया वाहनों का प्रवेश एवं ठहराव नहीं होगा। दुपपहिया वाहनों को लाल बाजार, इमली बाजार, बड़ा बाजार, गोविन्द चौक तथा बीओबी के पास रोका जाएगा।
विशेष सुरक्षा व्यवस्था : मन्दिर परिसर में जेबकटी, छेडख़ानी, जेवरात चोरी अथवा अन्य अप्रिय घटना तथा भगदड़ आदि रोकने को लेकर पुलिस प्रशासन के सहयोग से सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुरुष-महिला कॉन्सटेबल व होम गाड्र्स तैनात किए जाएंंगे। मन्दिर मण्डल का चिकित्सालय दोनों दिन 24 घंटे खुला रहेगा।
जन्माष्टमी तक
मंदिर क्षेत्र में निषेध रहेंगे बड़े वाहन
राजसमंद. पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ प्रन्यास प्रभु श्री द्वारकाधीश मंदिर में कृष्ण जन्म का उत्सव पूरे हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया जाएगा। जन्माष्टमी को लेकर शनिवार को मंदिर अधिकारी भगवतीलाल पालीवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें अलग-अलग विभागों के सेवादारों को उनकी जिम्मेदारी दी गई। बैठक में अधिकारी ने आने वाले श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा व अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की। इस मौके पर तय किया गया कि जन्माष्टमी तक सभी बड़े वाहनों की आवाजाही द्वारकाधीश मंदिर में निषेध रहेगी, वहीं जिला पुलिस अधीक्षक व संबंधित थाना अधिकारी को सुरक्षा व्यवस्था बाबत सूचित करवाया गया है। बैठक में रामदेवरा जातुरुओं की व्यवस्था के बारे में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए। इस मौके पर सहायक अधिकारी गणेशलाल साचिहर, समाधानी राजकुमार गौरवा, मंदिर पुरोहित पंडित बिंदुलाल सनाढ्य, सुरक्षा प्रभारी मानसिंह चारण, परछना अधिकारी हितेश सनाढ्य आदि उपस्थित थे।