
PATRIKA IMPACT : अब सीएचसी स्तर पर होगा मानसिक विक्षिप्तों का उपचार : चिकित्सा विभाग के शिविर 4 से
राजसमंद. मानसिक विक्षिप्त लोगों का उपचार करने के लिए अब सितम्बर माह में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चार विशेष शिविर आयोजित होंगे। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष कार्ययोजना तैयार करते हुए समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी को खास निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य की जांच के बाद उन्हें दवाइयां भी नि:शुल्क दी जाएगी।
राजस्थान पत्रिका 13 अगस्त को ‘अंधविश्वास बना रहा पढ़े-लिखों को पागल...’, 14 अगस्त को ‘दर दर भटकते गुजरी जिन्दगी, फिर मौत भी लावारिस...’ शीर्षक से खबरें प्रकाशित कर विक्षिप्तों की दयनीय स्थिति का खुलासा किया। इस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पकंज गौड़ ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मानसिक विक्षिप्तों के उपचार के लिए विशेष शिविर की कार्ययोजना तैयार की। इसके तहत 4 सितम्बर को राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवगढ़ में विशेष शिविर आयोजित होगा। शिविर में आरके जिला चिकित्सालय के मनो चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. शिशुपाल सिंह, सायकेट्रिक नर्स रामबाबुसिंह, सायकोलोजिस्ट जमील अहमद गौरी द्वारा शिविर में मानसिक विक्षिप्तों के स्वास्थ्य की जांच व उपचार करेंगे। साथ ही डॉ. सिंह द्वारा परामर्श के बाद आवश्यक दवाइयां भी वितरित की जाएगी। शिविर में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मानसिक विक्षिप्तिों का उपचार किया जाएगा। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आमेट में 11 सितम्बर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेलमगरा में 18 सितम्बर और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चारभुजा में 25 सितम्बर को विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित होगा।
शिविर में यह लेकर आए साथ
मनो चिकित्सक डॉ. शिशुपालसिंह ने बताया कि शिविर में मानसिक विक्षिप्त का अगर पहले कहीं भी कोई इलाज कराया हो, तो उससे संबंधी दस्तावेज साथ लाने जरूरी है। जिनका पहले से उपचार चल रहा है, तो उन्हीं दस्तावेजों से स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
विक्षिप्त भी एक बीमारी
कोई भी व्यक्ति मानसिक विक्षिप्त है, तो यह भी एक बीमारी है। नियमित उपचार के बाद हर शख्स स्वस्थ संभव है। किसी भी व्यक्ति को संशय रखने की जरूरत नहीं है। मानसिक विक्षिप्त होना कोई टोना टोटका अथवा कोई देवीय प्रकोप नहीं है और न ही ऐसा होता है। बिंदास होकर विक्षिप्त को जिला चिकित्सालय या तय शिविर स्थल पर लाए, ताकि उपचार के बाद स्वस्थ हो सके।
डॉ. शिशुपालसिंह, मनो चिकित्सक आरके जिला चिकित्सालय राजसमंद
Published on:
02 Sept 2018 11:21 am
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