राजसमंद

करंट से झुलसे युवक की मौत के बाद मोखमपुरा में उबाल: ग्रामीणों का हंगामा, 5 लाख मुआवजे पर बनी सहमति

दीपोत्सव की चमक उस वक्त मातम में बदल गई, जब मोखमपुरा के एक मार्बल गोदाम पर लाइट सजावट के दौरान 22 वर्षीय युवक प्रवीणसिंह सोलंकी की जान चली गई।
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Big Accident
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केलवा (राजसमंद). दीपोत्सव की चमक उस वक्त मातम में बदल गई, जब मोखमपुरा के एक मार्बल गोदाम पर लाइट सजावट के दौरान 22 वर्षीय युवक प्रवीणसिंह सोलंकी की जान चली गई। बिजली के तेज झटके से झुलसे प्रवीण की अहमदाबाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जैसे ही यह खबर गांव पहुँची, परिजनों और ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। मुआवजे की मांग को लेकर शव को सड़क पर रोक लिया गया, और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन परिजन और ग्रामीण मुआवजा तय होने तक अंतिम संस्कार से इनकार करते रहे। आखिरकार मार्बल कारोबारियों और पुलिस प्रशासन की मध्यस्थता से पांच लाख रुपए के मुआवजे पर सहमति बनी, तब जाकर स्थिति शांत हुई।

कैसे हुआ हादसा

थाना प्रभारी लक्ष्मणराम विश्नोई के अनुसार, मृतक प्रवीणसिंह (22) पुत्र देवीसिंह सोलंकी, निवासी पीपरड़ा के नया कुआं का रहने वाला था। दीपोत्सव के अवसर पर वह मोखमपुरा स्थित भगवती इंटरप्राइजेज और मुदित स्टोनिक्स में सजावट के लिए लगाई गई लाइटें खोल रहा था। 23 अक्टूबर की शाम, काम के दौरान 11 केवी की हाई-वोल्टेज लाइन अचानक उसके संपर्क में आ गई। तेज झटके से वह वहीं गिर पड़ा। परिजन और साथी उसे तत्काल आरके जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर होने पर उदयपुर एमबी हॉस्पिटल रेफर किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि प्रवीण का शरीर 70 प्रतिशत से अधिक झुलस चुका था। परिवार उसे बेहतर इलाज की उम्मीद में अहमदाबाद ले गया, लेकिन 28 अक्टूबर की शाम को उसने दम तोड़ दिया।

शव रोककर जताया आक्रोश

प्रवीण की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुँची, परिजनों और ग्रामीणों ने शोक के साथ आक्रोश व्यक्त किया। जब वे शव लेकर नया कुआं लौट रहे थे, तो पुलिस ने सुरक्षा कारणों से शव को बडारड़ा पेट्रोल पंप के पास रोक दिया। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हो गए और घटना स्थल मोखमपुरा के गोदाम पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द मुआवजे की घोषणा नहीं की गई, तो वे शव को मौके पर ही रखकर आक्रोश प्रदर्शन और शव जलाने की कार्रवाई करेंगे।

दोनों स्थानों पर तैनात रही पुलिस

हालात की नाजुकता को देखते हुए पुलिस ने दो स्तरों पर मोर्चा संभाला। बडारड़ा में राजनगर थाना प्रभारी सवाईसिंह की अगुवाई में जाब्ता तैनात रहा। मोखमपुरा में केलवा थाना प्रभारी लक्ष्मणराम विश्नोई पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। ग्रामीणों की संख्या बढ़ने और माहौल तनावपूर्ण होने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया ताकि किसी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

व्यवसायियों ने की मध्यस्थता

इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय मार्बल उद्यमी आगे आए। उन्होंने पुलिस और परिजनों के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाई। कई घंटों की बातचीत के बाद मार्बल इकाई संचालकों ने स्वेच्छा से 5 लाख रुपए का मुआवजा देने पर सहमति जताई। उद्यमियों के इस कदम से गांव में धीरे-धीरे माहौल शांत हुआ। परिजन और ग्रामीणों ने मुआवजा मिलने की बात पर सहमति जताई और शव को अंतिम संस्कार के लिए नया कुआं ले गए।

गांव में पसरा सन्नाटा

22 वर्षीय प्रवीणसिंह की मौत से पीपरड़ा और नया कुआं गांव में गहरा शोक फैल गया है। दीपोत्सव के मौके पर जहां घर-घर दीये जलने थे, वहीं सोलंकी परिवार में मातम छा गया। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने प्रशासन से ऐसे हादसों पर सख्त निगरानी की मांग की है। उनका कहना है कि “त्योहारों के अवसर पर सजावट के दौरान उच्च वोल्टेज लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।”

पुलिस की जांच जारी

थाना प्रभारी विश्नोई ने बताया कि हादसे के बाद विद्युत विभाग को भी सूचना दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 11 केवी लाइन गोदाम के ऊपर से गुजर रही थी, और लाइट खोलते समय वायर उसके बहुत करीब आ गया था। पुलिस ने इस संबंध में अपराधात्मक लापरवाही की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मुआवजे की राशि तय होने और माहौल शांत रहने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है

Updated on:
30 Oct 2025 11:31 am
Published on:
30 Oct 2025 11:31 am