राजस्थान के राजसमंद जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। दो जगहों पर पुलिस की छापेमारी में 9,228 तलवारें बरामद हुई हैं। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
राजसमंद। जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई कर पुलिस ने नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर के पास से 9228 तलवारों का जखीरा बरामद किया है। पहली कार्रवाई उपली ओडन में की गई। यहां भंगार गोदाम से 9032 तलवारें जब्त कर तलवार बनाने और धार देने के कई उपकरण पकड़े और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दूसरी कार्रवाई भानसोल रोड पर एक बाड़े में वैल्डिंग की आड़ में चल रहे कारखाने में की गई, यहां से 196 तलवारें बरामद कर एक जने को गिरफ्तार किया है।
तीनों आरोपियों से अवैध हथियारों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने तलवार के रूप में धारदार अवैध हथियार निर्माण व भंडारण के आरोप में नाथद्वारा की श्रीनाथ कॉलोनी निवासी अजय सिकलीगर पुत्र सीसीराम सिकलीगर एवं उपली ओडन निवासी सोनू सुथार पुत्र जमनालाल सुथार और रामदासिया बस्ती निवासी सिकंदर सिकलीगर को गिरफ्तार किया है।
गोदाम में तलवार बनाने और धार देने के लिए उपयोग में आने वाले उपकरण जैसे ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन, पॉलिश व्हील, स्टैंड आदि भी जब्त किए। बरामद तलवारें नुकीली और बड़े फल की पाई गईं, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं। पुलिस ने इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि इतनी भारी मात्रा में तलवारों का भंडारण क्यों किया। ये हथियार कहां से लाए गए और इन्हें तैयार कर किन्हें सप्लाई करने की योजना थी।
पहली कार्रवाई भंगार के गोदाम में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि उपली ओडन क्षेत्र में एक भंगार के गोदाम के कमरे में अवैध रूप से तलवारों का भंडारण किया जा रहा है। गोदाम में तलवारों को धार देने और बनाने का काम भी चल रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान गोदाम में बड़ी संख्या में धारदार व बिना धार वाली तलवारें पाई गईं। मौके पर मौजूद अजय सिगलीगर एवं सोनू सुथार से तलवारों के भंडारण व निर्माण संबंधी लाइसेंस या अनुमति के दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
गोदाम में तलवार बनाने और धार देने के लिए उपयोग में आने वाले उपकरण जैसे ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन, पॉलिश व्हील, स्टैंड आदि भी बरामद कर जब्त किए गए। बरामद तलवारें नुकीली और बड़े फल की पाई गईं, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं। श्रीनाथजी मंदिर थाना पुलिस ने इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि इतनी भारी मात्रा में तलवारों का भंडारण क्यों किया गया, ये हथियार कहां से लाए गए थे और इन्हें तैयार कर किन्हें सप्लाई करने की योजना थी।
पुलिस ने बताया कि उपली ओडन से भानसोल रोड पर एक बाड़े में वैल्डिंग की आड़ में तलवारें बनाने व धार देने का काम होने की सूचना मिली। थानाधिकारी विक्रमसिंह जाप्ता लेकर पहुंचे। बाड़े में तलवारें बनाने का कारखाना बना रखा था। वहां पर तलवारों का काम कर रहे नाथद्वारा के सुखाड़िया नगर इलाके में जलदाय विभाग कार्यालय के पास रामदासिया बस्ती निवासी सिकंदर सिगलीगर से पूछताछ की तो उसने बताया वह छोटा-मोटा कार्य करता है और यह कारखाना उसका ही है।
बाड़े में एक तरफ बने तीन कमरों को खोलकर देखा तो अंदर काफी मात्रा में धारदार व बिना धार वाली तलवारें रखी हुई थी। इस संबंध में दस्तावेज मांगे तो कुछ नहीं मिला। 196 तलवारों के साथ ही तलवारों के फर्मे, धार लगाने के औजार, ग्राइंडर, वैल्डिंग मशीन व अन्य उपकरण भी रखे हुए थे। तलवारें नुकीली व बडे़ फल की पाई गई। तलवारें और औजार जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।