Rajsamand Patwari Bribe Case : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर ने राजसमंद जिले के खमनोर कस्बे में एक पटवारी को दान की भूमि का नामांतरण खोलने के एवज में 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
Rajasthan ACB Action : खमनोर (राजसमंद)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर ने राजसमंद जिले के खमनोर कस्बे में एक पटवारी को दान की भूमि का नामांतरण खोलने के एवज में 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। घूस लेते पकड़ा गया आरोपी पटवारी राहुल कुमार शर्मा खमनोर तहसील के पटवार हलका सेमा में कार्यरत है, जबकि उसके पास बड़ा भाणुजा पटवार क्षेत्र का भी अतिरिक्त चार्ज है।
एसीबी की इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर की प्रभारी डॉ. सोनू शेखावत ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी दानगृहित भूमि की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण खोलने के बदले आरोपी 7 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी राहुल कुमार शर्मा ने परिवादी से एक हजार रुपए रिश्वत की अग्रिम राशि पहले ही ले ली थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई के लिए जाल बिछाया।
आरोपी पटवारी ने रिश्वत की राशि लेकर प्रार्थी को खमनोर तहसील मुख्यालय के कस्बे में स्थित अपने सरकारी आवास पर बुलाया, जहां प्रार्थी से उसने 4 हजार रुपए रिश्वत की राशि ले ली। इसी बीच एसीबी की टीम को आते देख आरोपी ने रिश्वत की राशि अपने सरकारी निवास स्थित टॉयलेट के कमोड में फेंक दी, इसे बाद में उसकी निशानदेही पर बरामद कर लिया गया।
यह कार्रवाई एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन एवं एसीबी की इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर की प्रभारी डॉ. सोनू शेखावत के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक राजेन्द्र सिंह एवं टीम ने की। एसीबी ने ट्रेप की कार्रवाई के दौरान आरोपी राहुल कुमार शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकरण के संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब है कि सोमवार को एसीबी झुंझुनूं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत बेरला के ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार राव को 8 लाख 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। एसीबी की इस कार्रवाई से पंचायत स्तर पर हड़कंप मच गया। आरोपी अधिकारी परिवादी से आवासीय भूखंड के कन्वर्जन और एनओसी जारी करने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार पूनियां ने बताया कि परिवादी राजेंद्र सैनी, किशोरपुरा निवासी, बेरला गांव में अपने आवासीय भूखंड पर मेडिकल स्टोर संचालित करता है। उसके पास ड्रग लाइसेंस भी है।