
राजसमंद। जिले में गणपति महोत्सव की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब प्रतिमा विसर्जन कर लौट रही श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। हादसा गुरुवार को रेलमगरा थाना क्षेत्र के तुर्कियाखेड़ा में खटुकड़ा के समीप कालका माता मंदिर के पास हुआ। दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर किया गया है।
तुर्कियाखेड़ा के ग्रामीण गणपति प्रतिमा लेकर ढोल-नगाड़ों के साथ सांसेरा स्थित जलदेवी माता तालाब पहुंचे थे। यहां पूजा-अर्चना और प्रतिमा विसर्जन के बाद श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान खटुकड़ा के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली असंतुलित होकर पलट गई। हादसे के दौरान ट्रॉली में सवार कई लोग उसके नीचे दब गए।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। लोगों ने अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए एस्क्वेटर मंगवाया गया। ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया।
हादसे में तुर्कियाखेड़ा निवासी शंकरसिंह (62), तकड़ियों का गुड़ा निवासी पुष्पा कंवर (45) और पीपली डोडियान निवासी हरिश (12) को राजसमंद के आरके चिकित्सालय में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। वहीं गंभीर घायल ललिता कंवर (21) को रेलमगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया।
घायलों में अनिता कंवर (26) और अर्जुनलाल (21) को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर किया गया। लीला कंवर सहित अन्य घायलों का उपचार जारी है। घायल नारायणी, सरिता, आशा कंवर, सूरज कंवर, सीमा गाडरी, सीमा अहीर, भागु लोहार, कुष्णा कंवर, प्रियंका, लीला और विशाल समेत अन्य को रेलमगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार दिया गया।
हादसे की सूचना के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया। जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा और पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल राजसमंद के आरके चिकित्सालय पहुंचे और घायलों की कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली और बेहतर उपचार के निर्देश दिए। घायलों के अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सा प्रशासन ने भी व्यवस्थाएं अलर्ट कर दीं। परिजनों और रिश्तेदारों की अस्पताल में भीड़ जुट गई।
बताया गया कि सांसेरा तालाब में कम पानी और जलीय जीवों पर संभावित असर को लेकर ग्रामीणों ने पहले ही प्रतिमा विसर्जन पर आपत्ति जताई थी। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर यहां प्रतिमा विसर्जन नहीं कराने की मांग की थी। इसके बावजूद तालाब में प्रतिमा विसर्जित की गई। हादसे के बाद इस मुद्दे को लेकर भी ग्रामीणों में चर्चा शुरू हो गई है।