
राजसमंद। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने राजसमंद में CGST से जुड़े एक बड़े रिश्वत मामले में कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने कथित तौर पर रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए दो बिचौलियों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अनिल पारीक और सुशील के रूप में बताई जा रही है। दोनों को 25-25 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया।
जानकारी के अनुसार, परिवादी को करीब 3 करोड़ 12 लाख रुपए का CGST नोटिस दिया गया था। आरोप है कि इस नोटिस के सेटलमेंट के नाम पर 60 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया और इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपए लेते ही एसीबी टीम ने दोनों कथित दलालों को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान मामले में CGST के सुपरिटेंडेंट सांवलराम की भूमिका भी सामने आने की बात कही जा रही है। एसीबी ने उन्हें भी डिटेन किया है।
जानकारी के मुताबिक, CGST सुपरिटेंडेंट सांवलराम को कोटा के सुकेत से डिटेन किया गया। झालावाड़ एसीबी टीम उन्हें लेकर राजसमंद पहुंच रही है। एसीबी अब पूरे मामले में रिश्वत की रकम की मांग, उसके लेन-देन और विभागीय अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच कर रही है।
इस कार्रवाई को एसीबी एएसपी हिम्मत सिंह की टीम ने अंजाम दिया। कार्रवाई DIG डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में की गई। वहीं DG गोविंद गुप्ता और ADG स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशों के तहत ट्रैप की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
एसीबी की कार्रवाई के बाद CGST से जुड़े इस मामले में विभागीय स्तर पर भी हड़कंप मच गया है। फिलहाल एसीबी की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ के बाद पूरे मामले में रिश्वत मांगने और कथित लेन-देन से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।