वैश्विक तनाव का सीधा असर अब राजसमंद में भी दिखाई देने लगा है। जिला मुख्यालय के कई पेट्रोल पंपों पर तेल की आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी ने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है।
राजसमंद। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। अमरीका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध जैसे हालातों की छाया अब राजसमंद जिला मुख्यालय तक पहुंच गई है, जहां पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के प्रमुख इलाकों सौ फीट रोड और धोईंदा रोड स्थित दो पेट्रोल पंपों पर तेल की आपूर्ति ठप हो गई है। इन पंपों पर आगे से सप्लाई नहीं पहुंचने के कारण टंकियां खाली पड़ी हैं, जिससे वाहन चालकों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। रोजमर्रा के कामकाज से लेकर जरूरी सेवाओं तक पर इसका असर साफ नजर आने लगा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेट्रोल की कमी के चलते उन्हें लंबी दूरी तय कर अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। खासकर दुपहिया और व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बन गई है। पेट्रोल पंप संचालकों ने एक बोर्ड भी लगा दिया है। जिस पर लिखा है कि पेट्रोल खत्म है। डिपो से आने पर दिया जाएगा। इन पेट्रोल पंपों पर आने वाले वाहन चालकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं जहां तेल उपलब्ध है। उन स्थानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है
इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर जिले में देखने को मिला था, जब कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई थी। राजसमंद में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों कीमत बढ़कर अब 3,099 रुपए तक पहुंच गई है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने संचालन का संकट खड़ा हो गया।
बढ़ती लागत के चलते कई छोटे व्यवसायियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था सामान्य नहीं हुई, तो इसका व्यापक असर परिवहन, व्यापार और दैनिक जीवन पर और गहरा पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति को संभालने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आमजन को राहत मिलने में अभी समय लग सकता है।