राजस्थान के राजकीय व निजी महाविद्यालयों में बेटियों के आत्मविश्वास, सुरक्षा और स्वाभिमान को नई उड़ान देने के लिए एक अनूठी पहल की गई है।
Self defense training course: राजस्थान के राजकीय व निजी महाविद्यालयों में बेटियों के आत्मविश्वास, सुरक्षा और स्वाभिमान को नई उड़ान देने के लिए एक अनूठी पहल की गई है। अब यहां की छात्राएं और महिलाएं खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से इतना सक्षम बना सकेंगी कि विपरीत परिस्थितियों में भी डटकर सामना कर सकें। राजसमंद में देवगढ़ के कॉलेज परिसर में ‘रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा केंद्र’ की स्थापना की गई है।
डॉ. मीनाक्षी मौर्य बताती हैं कि आज के दौर में बेटियों के लिए आत्मरक्षा के गुर जानना उतना ही जरूरी है, जितना शिक्षा हासिल करना। आत्मरक्षा सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि यह एक आत्मविश्वास भी देती है कि कोई भी मुश्किल परिस्थिति सामने आए तो डटकर मुकाबला किया जा सके। चार सप्ताह चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को शारीरिक व्यायाम, आत्मरक्षा के बेसिक मूव्स, आपात स्थिति में सजग रहने की ट्रेनिंग के साथ-साथ मानसिक रूप से मजबूत रहने की भी कई गतिविधियां करवाई जाएंगी।
आत्मरक्षा केंद्र की सबसे खास बात यह है कि इसका लाभ राजकीय महाविद्यालय देवगढ़ की छात्राएं ही नहीं बल्कि पूरे ब्लॉक के सभी सरकारी व निजी कॉलेजों की छात्राएं भी उठा सकती हैं। जो महिलाएं पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं या किशोरियां भी आत्मरक्षा सीखना चाहती हैं, वे भी इस प्रशिक्षण में शामिल हो सकती हैं।
कॉलेज के प्राचार्य राजदीप सिंह बताते हैं कि इस केंद्र का उद्देश्य सिर्फ आत्मरक्षा तकनीक सिखाना ही नहीं है, बल्कि छात्राओं के भीतर छुपी हिम्मत और आत्मबल को भी जगाना है।
प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. मीनाक्षी मौर्य ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षक दिवस से शुरू होकर पूरे एक माह तक चलेगा। इस दौरान प्रशिक्षित मास्टर्स ट्रेनर्स द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न गुर सिखाए जाएंगे, ताकि आपात स्थिति में कोई भी छात्रा खुद को सुरक्षित रख सके।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, ताकि उनके इस नए हुनर को पहचान मिल सके और वे दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकें। इच्छुक छात्राएं, पूर्व छात्राएं, महिलाएं और किशोरियां सीधे राजकीय महाविद्यालय देवगढ़ में संपर्क कर नामांकन करा सकती हैं। छात्राओं में इस पहल को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे प्रशिक्षण सत्र नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि देवगढ़ की बेटियां किसी भी हाल में कमजोर न पड़ें। रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर शुरू हुआ यह आत्मरक्षा केंद्र वास्तव में बेटियों को वह हौसला देगा, जिसकी आज सबसे ज्यादा जरूरत है।