राजसमंद

Success Story: चौथी कक्षा तक पढ़े जितेंद्र ने अपनी मेहनत से बनाई अलग पहचान, आज बन गए प्रेरणा

Success Story: जितेंद्र की कहानी यह बताती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का मौका होती है, बस हिम्मत और दिशा सही होनी चाहिए।

2 min read
Mar 21, 2026

Success Story: उदयपुर की सीमा से सटे राजसमंद जिले के एक छोटे से गांव दामावाड़ी से निकले जितेंद्र हिंदू की कहानी संघर्ष, गिरावट और फिर उठ खड़े होने की मिसाल है। चौथी कक्षा तक पढ़े जितेंद्र आज 'पुष्पा राज राजस्थानी' नाम से सोशल मीडिया पर पहचान बना चुके हैं।

जितेंद्र की कहानी यह बताती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का मौका होती है, बस हिम्मत और दिशा सही होनी चाहिए। जितेंद्र हिंदू उर्फ पुष्पा राज राजस्थानी कहते हैं कि जीवन में सब कुछ हासिल कर लो, लेकिन माता-पिता खुश नहीं हैं तो सब बेकार है। पैसा नहीं, कर्म कमाना चाहिए।

ये भी पढ़ें

LPG Gas Crisis: गैस सिलेंडर वितरण में अव्यवस्था, तकनीकी गड़बड़ी की मार झेल रहे उपभोक्ता

जितेंद्र हिंदू का बचपन सामान्य ग्रामीण परिवेश में बीता। पढ़ाई में मन नहीं लगा तो चौथी के बाद ही स्कूल छोड़ दिया। कम उम्र में ही तय कर लिया कि अब कमाई ही करनी है। शुरुआत छोटे-मोटे कामों से हुई।

2009 में 30-35 हजार रुपए में धागा-गिट्टी की मशीन खरीदी और गांव-गांव घूमकर सामान बेचना शुरू किया, लेकिन काम नहीं चला। इसके बाद पत्तल बनाने की मशीन लगाई, वह भी घाटे में गई। फिर मुर्गी पालन किया, लेकिन वहां भी नुकसान झेलना पड़ा।

लगातार असफलताओं ने मानसिक दबाव बढ़ा दिया। लॉकडाउन के दौरान हालात और बिगड़े। पैसों की तंगी के चलते दोस्त के साथ हम्माली तक करनी पड़ी। जितेंद्र कहते हैं, 'काम कोई छोटा-बड़ा नहीं होता, बस कमाने की लगन होनी चाहिए।'

कमाने गया, कर्जा कर लिया

पारिवारिक विवाद भी हुआ और उन्हें घर छोड़ना पड़ा। वे मुंबई पहुंचे, जहां ज्वेलरी और हार्डवेयर का काम किया। गोरेगांव में एक व्यापारी के साथ करीब पांच साल काम किया, लेकिन इसी दौरान सट्टे की लत लग गई और करीब 10 लाख रुपए का कर्ज हो गया। उधर, मां की बीमारी में 8-10 लाख रुपए खर्च हो गए, जिससे स्थिति और खराब हो गई।

एक घटना ने बदल दी सोच

कर्ज और संकट के दौर में परिवार ने साथ दिया। पिता और परिजनों की मदद से एक ढाबा शुरू किया। मेहनत रंग लाई और कर्ज उतर गया। इसके बाद एक और होटल शुरू की। हालांकि प्रतिस्पर्धा और संघर्ष यहां भी कम नहीं रहा। जितेंद्र बताते हैं कि जीवन में कुछ गलत रास्तों पर भी कदम पड़े, लेकिन एक घटना के बाद उन्होंने तय कर लिया कि अब गलत काम नहीं करेंगे।

नया रास्ता- वीडियो कंटेंट बनाना

शुरुआत में शौक के तौर पर वीडियो बनाए, लेकिन जल्द ही उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। प्री-वेडिंग शूट, सामाजिक आयोजनों और होटल पर आने वाले ग्राहकों के साथ बनाए गए वीडियो ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया।

लोग उन्हें 'पुष्पा राज राजस्थानी' के नाम से पहचानने लगे। आज जितेंद्र न केवल एक कंटेंट क्रिएटर हैं, बल्कि समाज सेवा की दिशा में भी सोच रहे हैं। वृद्धाश्रम और गोशाला खोलना चाहते हैं।

ये भी पढ़ें

Infra News: राजस्थान में जल्द एक और रेल लाइन हो जाएगी डबल, सफर होगा तेज और आसान

Updated on:
21 Mar 2026 02:44 pm
Published on:
21 Mar 2026 02:43 pm
Also Read
View All

अगली खबर