राजसमंद रोडवेज बस डीपो में बसों की हालत खस्ता होने के कारण उसका संचालन करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सरकार की ओर से नई बसों में से मात्र दो बसें अलॉट की गई है, जबकि डीपो में करीब 25 बसों की आवश्यकता है।
राजसमंद. राजसमंद डीपो की अधिकांश बसें कंडम हो गई है तो कुछ होने के कगार पर हैं। ऐसे में सरकार ने बजट घोषणा के अनुसार खरीदी गई 156 बसों में से दो बसें राजसमंद के लिए अलॉट की है। उक्त बसें इस माह के अंत तक मिलने की उम्मीद है, हालांकि राजसमंद डीपो को 25 बसों की आवश्यकता है। दूसरे चरण में 12-13 बसें और मिलने की उम्मीद है, लेकिन उसमें अभी समय लगेगा। ऐसे में यह कहा जा सकता है राजसमंद डीपो की अब नई बसें की नैय्या पार लगा सकती है। राजस्थान पथ परिवहन निगम की बसों में प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं। इसके तहत राजसमंद डीपो की भी वर्तमान में 27 बसें संचालित हो रही है, लेकिन स्थिति यह है कि रोडवेज की ओर से 2020 के बाद से बसों की खरीद नहीं होने के कारण रोडवेज को नई बसें नहीं मिल पाई है। इसके कारण अधिकांश बसों की स्थिति बहुत खराब है। बसों में खराबी का आलम यह है कि ब्रेक डाउन होना आम बात हो गई है। इसमें भी मुश्किल यह है कि बस के ब्रेक डाउन होने पर उसके बदले बस को भेजने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के पश्चात रोडवेज प्रबंधन ने मुख्यालय से 25 नई बसों की मांग की थी। सरकार ने बजट घोषणा के अनुसार प्रथम चरण में आने वाली बसों में दो बसें राजसमंद डीपो को अलॉट की गई है। दोनों नई बसों के इस माह के अंत तक या अगले माह के पहले सप्ताह तक मिलने की उम्मीद है। दूसरे चरण में भी 12-13 बसें मिलने की उम्मीद है। ऐसे में दम तोड़ती रोडवेज बसों को नई बसें संजीवनी का काम करेगी।
रोडवेज प्रबंधन के अनुसार 17 बसें 2017 मॉडल, 2 बसें 2020 मॉडल, 12 बसें 2013 मॉडल की है। 2013 की 3 मिनी बसें पहले ही कंडम हो चुकी है। आठ साल या आठ लाख किलोमीटर चली बसों को कंडम मानकर उन्हें ऑफ रूट कर दिया जाता है। राजसमंद डीपो की अधिकांश बसें 12 से 13 लाख किलोमीटर चल चुकी है। 2017 की 17 बसों के भी चार माह बाद आठ साल पूरे हो जाएंगे।
रोडवेज के जानकारों के अनुसार राजसमंद डीपो की ओर से संचालित बसें 2017 में 23 हजार किमी प्रतिदिन चलती थी, लेकिन लगातार बसों की कमी के कारण अब यह घटकर 12,800 किमी ही रह गई है। रोडवेज के बेड़े में उस समय 40 से अधिक बसें थी, लेकिन अब मात्र 27 बसें की ऑनरोड है। बसों की कमी के कारण किमी में कमी आती जा रही है।
राजसमंद डीपो को नई दो बसें अलॉट की गई है। नई बसें इस माह के अंत तक मिलने की उम्मीद है। अगले चरण में 12-13 बसें और मिलने की उम्मीद है। सभी बसें अक्टूबर तक मिल सकती है। बसों की कमी के कारण डीपो का संचालन में काफी परेशानी होती है। 25 बसों की डिमांड मुख्यालय भेजी गई थी।