
रामपुर। कोरोना महामारी से दुनियाभर के देश जूझ रहे हैं। वहीं इसको हराने के लिए अमेरिका द्वारा भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की मांग की गई। जिसके बाद मोदी सरकार ने मदद करते हुुए इसकी खेप भेजी। वहीं अमेरिका में रामपुर के मेंथॉल की भी डिमांड बढ़ गई है। यही कारण है कि लॉकडाउन के दौरान ही करीब 100 करोड़ से ज्यादा के मेंथॉल को अमेरिका को निर्यात किया गया है। वहीं इस दौरान करीब 250 करोड़ रुपये का निर्यात इटली, ब्राजील, स्विटजरलैंड, फ्रांस और जर्मनी को भी किया गया है।
उत्तर प्रदेश मेंथा एक्सपोर्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु कपूर का कहना है कि मैंथा उत्पादों का प्रयोग दवा बनाने में किया जाता है। अमेरिका, इटली, स्पेन, जर्मनी, ब्राजील आदि देशों को क्रिस्टल और मेंथॉल का निर्यात होता है। लॉकडाउन के दौरान ही करीब ढाई माह में रामपुर से लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ का निर्यात किया गया है। वहीं स्वाति मेंथॉल के चेरयमैन एवं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन रामपुर के अध्यक्ष एसके गुप्ता का कहना है कि अमेरिका में मेंथॉल की डिमांड काफी है। लॉकडाउन के दौरान अमेरिका के शिकागो, न्यूयार्क और न्यूजर्सी को 100 करोड़ से ज्यादा का मैंथा निर्यात किया गया है। लॉकडाउन नहीं होता तो मेंथॉल की डिमांड और भी ज्यादा होती।
बता दें कि रामपुर में बड़े पैमाने पर मैंथा का उत्पादन होता है और हर साल जनपद से करीब 1750 करोड़ रुपये का निर्यात होता है। रामपुर के अलावा मुरादाबाद, चन्दौसी बाराबंकी, लखनऊ, दिल्ली आदि स्थानों से भी मैंथा का एक्सपोर्ट होता है। रामपुर में करीब दस हजार से ज्यादा किसान मैंथा की फसल उगाते हैं और टंकियों में इनका तेल निकालते हैं। मैंथा उत्पादों से दर्द निवारक दवा, कफ सीरप, साबुन और सैनिटाइजर आदि बनाया जाता है।