
Jauhar University News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को गिराने के आदेश पर फिलहाल रोक जारी रहेगी। सोमवार को मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह की अदालत में करीब दो घंटे तक मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि अपील पर अंतिम फैसला आने तक ध्वस्तीकरण के आदेश पर लगी अंतरिम रोक जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई अब 10 अगस्त को होगी।
विश्वविद्यालय की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता जुनैद एजाज ने बताया कि कमिश्नर कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। अदालत ने फिलहाल किसी नए आदेश के बजाय पहले से लागू अंतरिम रोक को जारी रखने का फैसला किया है।
इससे पहले 27 जुलाई को हुई सुनवाई में कमिश्नर कोर्ट ने रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी द्वारा जारी 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। उस समय मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त तय की गई थी।
जौहर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने रामपुर विकास प्राधिकरण और जिलाधिकारी के ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती देते हुए 20 जुलाई को कमिश्नर कोर्ट में अपील दाखिल की थी। इस अपील पर शुरुआती सुनवाई 28 जुलाई को होनी थी।
विश्वविद्यालय के अधिवक्ता के अनुसार, मुरादाबाद में एक अधिवक्ता के निधन के कारण 28 जुलाई को न्यायिक कार्य स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से 27 जुलाई को ही जल्द सुनवाई के लिए आवेदन दिया गया। इसी आवेदन पर सुनवाई करते हुए कमिश्नर कोर्ट ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
फिलहाल अदालत की अंतरिम राहत जारी रहने से जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों पर किसी तरह की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं होगी। अब सभी की नजर 10 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जहां मामले में आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है।