Rampur Protest: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही रामपुर में शिया समुदाय का आक्रोश सड़कों पर दिखा।
Khamenei Death News: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की इजरायली हमले में मौत की सूचना सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश समेत देश के कई इलाकों में शिया समुदाय के बीच गहरा आक्रोश देखने को मिला है।
रामपुर में इस खबर के फैलते ही माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और अपने नेता की कथित शहादत पर शोक जताने के साथ-साथ विरोध प्रदर्शन करने लगे। हालांकि, इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई, लेकिन सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय सूत्रों के जरिए यह सूचना तेजी से फैल गई, जिससे भावनाएं भड़क उठीं।
रामपुर में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी सड़कों पर उतर आईं। लोगों ने हाथों में पोस्टर लेकर इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह सिर्फ एक नेता की मौत नहीं, बल्कि इंसानियत पर हमला है।
कई स्थानों पर लोगों की आंखों में आंसू थे और वे भावुक होकर अपने धर्मगुरु के समर्थन में आवाज उठा रहे थे। प्रशासन की ओर से पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके और शांति व्यवस्था बनी रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज राज्यमंत्री रह चुके नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने इस खबर पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर की कथित शहादत बेहद अफसोसनाक है और यह पूरी मानवता के लिए एक बड़ा आघात है।
उनके अनुसार खामेनेई सिर्फ ईरान के नेता नहीं थे, बल्कि दुनिया भर में उन्हें मोहब्बत और अकीदत की नजर से देखा जाता था। उन्होंने इस घटना को इंसानियत का कत्ल करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी निंदा करने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों और स्थानीय नेताओं का कहना है कि खामेनेई फिलिस्तीन के मुद्दे पर हमेशा खुलकर बोलते रहे हैं और इजरायली हमलों के खिलाफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज बुलंद की थी। उनका मानना है कि कमजोर, गरीब और मजलूमों के हक में बोलने की वजह से वे कई ताकतवर देशों की आंखों की किरकिरी बने। इसी कारण उनकी कथित हत्या को एक सोची-समझी साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल की नीतियों के चलते पूरा मिडल ईस्ट जंग की आग में झोंका जा रहा है। उनका कहना है कि जिस तरह से फिलिस्तीन और ईरान से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप किया जा रहा है, उससे पूरी दुनिया में अस्थिरता फैल रही है। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इस कथित हिंसा और दहशतगर्दी के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाए।
रामपुर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में न लें। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से संयम बरतने की अपील की गई है। साथ ही, किसी भी अफवाह से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।