Rampur News: रामपुर के CHC में विधायक शफीक अंसारी के बेटे उमैर अंसारी द्वारा निरीक्षण करने और अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर निर्देश देने का मामला विवादों में है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच बैठा दी है।
MLA son inspection CHC controversy: रामपुर जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के निरीक्षण को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। अपना दल (एस) के विधायक शफीक अहमद अंसारी के बेटे उमैर अंसारी द्वारा अस्पताल का निरीक्षण करने और अधिकारियों को निर्देश देने का मामला तूल पकड़ चुका है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।
घटना के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपा सिंह के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई। बुधवार को टीम CHC पहुंची और अधीक्षक डॉ. राजीव चंदेल से करीब एक घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान अस्पताल के स्टाफ से भी अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी ली गई और वीडियो में दिख रही गतिविधियों की पुष्टि की गई।
अधीक्षक डॉ. राजीव चंदेल ने बातचीत में बताया कि उन्हें पहले से जानकारी थी कि विधायक निरीक्षण के लिए आने वाले हैं। इसी वजह से उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। लेकिन जब वे लौटे तो विधायक की जगह उनका बेटा उमैर अंसारी उनकी कुर्सी पर बैठा हुआ था और स्टाफ से जानकारी ले रहा था।
डॉ. चंदेल के अनुसार, उमैर अंसारी ने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों की संख्या, ड्यूटी पर तैनाती और व्यवस्थाओं के बारे में सवाल किए। उन्होंने रजिस्टर मंगवाकर खुद जांच की और कहा कि जरूरत पड़ने पर और डॉक्टर भेजे जाएंगे। इसके बाद उन्होंने वार्ड में जाकर मरीजों से भी बातचीत की।
निरीक्षण के दौरान उमैर ने भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से अस्पताल की सुविधाओं के बारे में पूछा। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन की तारीफ करते हुए किसी भी प्रकार की समस्या से इनकार किया। इसके बाद उन्होंने दवा भंडार कक्ष और एक्स-रे रूम का भी निरीक्षण किया, जहां नई मशीनों की स्थिति देखी।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो 7 अप्रैल को सामने आया, जिसमें उमैर अंसारी अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण करते नजर आए। वीडियो में यह भी दिखा कि अधीक्षक अपनी कुर्सी छोड़कर खड़े हैं और उमैर उसी कुर्सी पर बैठकर दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान उमैर ने डॉक्टरों और स्टाफ को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और जांच के लिए बाहर न भेजा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। यह बयान भी विवाद का कारण बना है।
उमैर अंसारी विधायक शफीक अहमद अंसारी के सबसे बड़े बेटे हैं और परिवार की राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। हालांकि उन्हें पार्टी में कोई आधिकारिक पद नहीं मिला है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उन्हें विधायक का प्रतिनिधि माना जाता है।
विधायक शफीक अंसारी का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है। मजदूरी से शुरुआत करने वाले शफीक अंसारी ने धीरे-धीरे राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 1995 से चुनावी राजनीति में कदम रखा और 2022 में अपना दल (एस) के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने।
सरकारी नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी संस्थान का निरीक्षण और निर्देश देने का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारी या निर्वाचित जनप्रतिनिधि को होता है। ऐसे में किसी परिजन द्वारा निरीक्षण करना और अधिकारियों को निर्देश देना प्रशासनिक नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।
अपना दल (एस), जिसकी अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल हैं, उत्तर प्रदेश में भाजपा की सहयोगी पार्टी है। 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से 12 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस घटना ने पार्टी की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।