
सीएचसी अधीक्षक की कुर्सी पर बैठा विधायक का बेटा, PC-X
रामपुर : रामपुर के स्वार सीएचसी में विधायक के 22 वर्षीय बेटे उमैर अंसारी ने अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया। इमरजेंसी वॉर्ड में मरीजों से बात की, दस्तावेज चेक किए, स्टाफ को खरी-खोटी सुनाई और डॉक्टरों को चेतावनी दी। सबसे हैरान करने वाली बात, उनके साथ बिना किसी प्रोटोकॉल के 4 पुलिसकर्मी (1 दरोगा + 3 सिपाही) तैनात थे।
उमैर सबसे पहले इमरजेंसी वॉर्ड पहुंचा। मरीजों का हाल-चाल पूछा, स्टाफ की अटेंडेंस रजिस्टर चेक की, दवा वितरण व्यवस्था देखी और लैब-मशीनों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद सीधे सीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव चंदेल के केबिन में घुस गया। डॉक्टर उसे देखते ही अपनी कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। उमैर बेझिझक उनकी कुर्सी पर बैठ गया, दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी और डॉक्टरों से सवाल-जवाब किए।
उमैर ने साफ चेतावनी दी, 'मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखें, जांच के लिए बाहर न भेजें। ऐसा पाया गया तो कार्रवाई होगी।'
करीब एक घंटे तक उमैर ‘टशन’ दिखाते रहा। उनके साथ दो समर्थक भी मौजूद थे।
परिवार के सूत्रों के मुताबिक उमैर अंसारी बालक बाली स्कूल से 5वीं पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है। वह अभी कोई नौकरी या पार्टी पद नहीं संभालता। विधायक शफीक अंसारी के तीन बच्चे हैं उमैर सबसे बड़ा है। उनकी मां रेशमा परवीन स्वार नगर पालिका की चेयरपर्सन हैं।
जब विधायक शफीक अहमद अंसारी (अपना दल सोनेलाल, स्वार विधानसभा) से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं क्षेत्र से बाहर था। मुझे सीएचसी में व्यवस्थाओं की शिकायत मिली थी, इसलिए मैंने बेटे को जांच करने भेज दिया। इसमें गलत क्या है?
सीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'विधायक के बेटे या परिवार के किसी सदस्य को सरकारी अस्पताल का निरीक्षण करने का कोई अधिकार नहीं है। किसी अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर निर्देश देना प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है।'
सीएमओ ने ACMO डॉ. संतोष कुमार की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर दी है। टीम को 7 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
एसपी सोमेंद्र मीणा ने भी कहा, 'मामले में जांच होगी कि किस आधार पर पुलिसकर्मी उनके साथ तैनात थे। प्रोटोकॉल का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।'
शफीक अंसारी पहले आजम खान के करीबी थे, बाद में रिश्ते बिगड़ गए। उनके पिता जुम्मा पल्लेदारी (मजदूरी) का काम करते थे। शफीक खुद भी मजदूरी करते थे। आजम खान की करीबी ने उन्हें पल्लेदारी से विधायक की कुर्सी तक पहुंचाया। स्वार में उनका निजी कोल्ड स्टोरेज भी है। पार्टी जिलाध्यक्ष घनवीर सिंह के अनुसार, शफीक ने उमैर को अपना ‘विधायक प्रतिनिधि’ बना रखा है।
सरकारी नियमों के मुताबिक सरकारी संस्थानों का निरीक्षण, समीक्षा और निर्देश देने का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ही है। परिवार के सदस्यों को यह अधिकार स्वतः नहीं मिलता। मामला अब जांच के घेरे में है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
Published on:
07 Apr 2026 03:03 pm
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