Rampur Crime: रामपुर जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक जेसीबी चालक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मृतक की पत्नी, सास और एक अन्य युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
JCB Driver Suicide Rampur: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक जेसीबी चालक, जो अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दिन-रात मेहनत करता था, उसने कार्यालय के भीतर ही मौत को गले लगा लिया। शुरुआती जांच में यह मामला केवल एक आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ी, पारिवारिक रिश्तों की कड़वाहट और प्रताड़ना की परतें खुलती चली गईं।
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस पुलिस तत्काल सक्रिय हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने बारीकी से साक्ष्य एकत्र किए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह मामला केवल आत्महत्या का ही है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया और कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया।
मृतक देवेंद्र सिंह, जो कि शहजादनगर क्षेत्र के चमरपुरा गांव का रहने वाला था, उसके परिजनों ने इस दुखद कदम के पीछे ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आईपीसी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसमें मृतक की पत्नी दुर्गेश, उसकी सास पूरनदेई और एक अन्य सहयोगी राशिद को नामजद किया गया। परिजनों का आरोप है कि इन तीनों की प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर देवेंद्र ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
अपर पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को जानकारी दी कि ठोस साक्ष्यों और प्राथमिक पूछताछ के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों पत्नी दुर्गेश, सास पूरनदेई और राशिद को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और प्रथम दृष्टया साक्ष्यों को देखते हुए तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दे दिया। फिलहाल, रामपुर पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर किस तरह के विवाद ने देवेंद्र को इस चरम कदम तक पहुँचाया।
पुलिस का कहना है कि हालांकि प्राथमिक जांच में 'घरेलू कलह' ही मुख्य कारण निकलकर सामने आ रही है, लेकिन विवेचना अभी खत्म नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में कोई और बाहरी हस्तक्षेप था या कोई आर्थिक लेन-देन का विवाद। देवेंद्र सिंह की मौत के बाद उसके गांव चमरपुरा में मातम का माहौल है और ग्रामीण कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद अन्य तथ्यों को भी सार्वजनिक किया जाएगा।