Rampur News: रामपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त नजर आया। एआरटीओ के नेतृत्व में 63 स्कूल बसों की जांच की गई, जिसमें 9 को नोटिस जारी हुआ और गंभीर खामियों वाली एक बस का संचालन बंद कर दिया गया।
School Bus Checking Rampur: रामपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा अभियान चलाया। एआरटीओ के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के तहत जिलेभर में 63 स्कूली बसों की गहन जांच की गई।
जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाए जाने पर 9 बस संचालकों को नोटिस जारी किए गए, जबकि एक बस में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उसका संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस विशेष अभियान में एआरटीओ, पीटीओ, आरआई और अन्य संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शहर और आसपास के विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग की। बसों की फिटनेस, ड्राइवर की योग्यता, दस्तावेजों की वैधता और अन्य जरूरी मानकों की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान कई बसों में सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन सामने आया, जिसके चलते 9 बसों को नोटिस भेजकर निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए।
जांच के दौरान एक स्कूली बस में बेहद गंभीर खामियां पाई गईं, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थीं। इस पर अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस बस का संचालन पूरी तरह से बंद करवा दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।
एआरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी स्कूली वाहनों में फिटनेस सर्टिफिकेट, फायर सेफ्टी उपकरण, फर्स्ट एड किट, स्पीड गवर्नर और जीपीएस जैसी अनिवार्य सुविधाओं का होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी वाहन इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के लिए सुरक्षित और मानकों का पालन करने वाले वाहनों का ही चयन करें।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा तथा स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही भी तय की जाएगी। परिवहन विभाग स्कूलों के साथ समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित करेगा कि सभी वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित हों। यदि किसी स्कूल द्वारा बिना मानक पूरे किए वाहनों का संचालन कराया जाता है, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।