रामपुर

तीन-तीन दिन पत्नियों के पास रहेगा पति, संडे को रहेगा वीकली ऑफ

Rampur Panchayat Viral Decision : रामपुर जिले से आया एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां पंचायत ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसे सुनकर सब दंग रह गए।
2 min read
• •
Updated: 24 Jan 2026, 3:40 PM IST
Feature image
3-3 दिन पत्नियों के साथ रहेगा पति, रविवार वीकली ऑफ, PC- Chatgpt

रामपुर : पति-पत्नी के विवाद तो अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन रामपुर जिले से आया यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। यहां दो पत्नियों के बीच लगातार हो रहे झगड़े को खत्म करने के लिए गांव की पंचायत ने ऐसा समाधान निकाला, जिसने सभी को चौंका दिया। पंचायत ने पति का बाकायदा टाइम-टेबल तय कर दिया। तीन दिन एक पत्नी के साथ, तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ और एक दिन पति के लिए पूरी तरह अवकाश।

यह मामला अजीमनगर थाना क्षेत्र के नगलिया आकिल गांव का है। गांव में रहने वाले एक मुस्लिम युवक ने दो शादियां की हैं। पहली शादी परिवार की सहमति से हुई थी, जबकि दूसरी शादी प्रेम विवाह थी। दोनों पत्नियों के बीच पति को अपने साथ रखने को लेकर आए दिन विवाद होता रहता था। झगड़े इतने बढ़ गए कि बात पुलिस तक पहुंच गई।

पंचायत में सुलझा मामला

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने गांव के बुजुर्गों को मामला सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें पति और उसकी दोनों पत्नियां मौजूद रहीं। सभी पक्षों की बात सुनने के बाद पंचायत ने रिश्तों का एक ‘मैनेजमेंट फॉर्मूला’ निकाल लिया।

पंचायत के फैसले के अनुसार, सप्ताह के पहले तीन दिन सोमवार, मंगलवार और बुधवार पति पहली पत्नी के साथ रहेगा। वहीं गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार दूसरी पत्नी के लिए तय किए गए हैं। रविवार को पति का ‘वीकली ऑफ’ रहेगा। इस दिन वह अपनी मर्जी से कहीं भी रह सकता है या अकेले समय बिता सकता है।

लिखित समझौता भी किया गया तैयार

पंचायत ने इस फैसले को मजाक नहीं बल्कि गंभीर सामाजिक समाधान बताते हुए लिखित समझौता भी तैयार कराया। पति और दोनों पत्नियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। साथ ही विशेष परिस्थितियों में एक-दो दिन आगे-पीछे करने की छूट भी दी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर आपसी सहमति से बदलाव किया जा सके।

गांव में यह फैसला अब चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लोग इसे रिश्तों का अनोखा ‘रोस्टर सिस्टम’ बता रहे हैं। हालांकि पंचायत का मानना है कि इस फैसले से घर का तनाव कम होगा और बार-बार पुलिस तक मामला जाने से बचेगा।

गौरतलब है कि इससे पहले बिहार के पूर्णिया जिले में भी ऐसा ही मामला सामने आ चुका है, जहां गिरफ्तारी के डर से पंचायत ने पति को दोनों पत्नियों के बीच इसी तरह बांट दिया था। अब रामपुर का यह फैसला भी सोशल मीडिया से लेकर गांव-कस्बों तक खूब सुर्खियां बटोर रहा है।

Updated on:
24 Jan 2026, 3:40 PM IST
Published on: