रामपुर

चुनावी फर्जीवाड़े पर एआई की सर्जिकल स्ट्राइक! पंचायत चुनाव से पहले रामपुर में 2.36 लाख वोटर संदेह के घेरे में

Rampur Voter List: उत्तर प्रदेश के रामपुर में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एआई (AI) की मदद से 10.70 लाख वोटरों में से 2.36 लाख डुप्लीकेट पाए गए हैं। अब आधार कार्ड के जरिए इनकी जांच कराई जा रही है।
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Updated: 11 Sep 2025, 10:26 AM IST
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चुनावी फर्जीवाड़े पर एआई की सर्जिकल स्ट्राइक! Image Source - Social Media 'FB'

Voter list fraud duplicate voters in Rampur: यूपी के रामपुर में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से 10.70 लाख मतदाताओं की सूची का मिलान किया। इसमें करीब 2.36 लाख डुप्लीकेट वोटर पाए गए हैं। यानी एक ही नाम, पिता का नाम या पति का नाम मिलाकर मतदाता सूचियों में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गई है।

एआई ने किया डुप्लीकेट वोटरों का पर्दाफाश

AI टेक्नोलॉजी के जरिये जब वोटर लिस्ट की जांच की गई, तब पाया गया कि कई गांवों में एक ही नाम से कई वोटर दर्ज हैं। कुछ मामलों में पिता का नाम या पति का नाम भी एक जैसा मिला। इस तकनीक ने वोटर लिस्ट से डुप्लीकेट नामों की पहचान कर उन्हें प्रशासन को भेज दिया। आयोग ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब इन सभी नामों का सत्यापन कर असली और फर्जी वोटरों का अंतर साफ किया जाए।

प्रशासन ने शुरू की जांच

चुनाव आयोग से मिले आदेश के बाद रामपुर प्रशासन ने डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची का सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है। जिले की 680 ग्राम पंचायतों में यह अभियान चलाया जा रहा है। इस काम की जिम्मेदारी 913 बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को सौंपी गई है। प्रत्येक बीएलओ को अपने क्षेत्र में डुप्लीकेट वोटरों के नामों की जांच करनी है और असली मतदाताओं की पुष्टि करनी है।

ब्लॉकवार डुप्लीकेट वोटरों का आंकड़ा

AI से हुई जांच के बाद ब्लॉकवार डुप्लीकेट वोटरों का आंकड़ा चौंकाने वाला है।

  • सैदनगर: 30,909
  • मिलक: 53,138
  • बिलासपुर: 23,870
  • शाहबाद: 39,568
  • स्वार: 55,432

कुल डुप्लीकेट वोटर: 2,36,002

यह आंकड़े साफ बताते हैं कि वोटर लिस्ट में कितनी बड़ी गड़बड़ी है और चुनाव आयोग के लिए यह चुनौती कितनी गंभीर है।

आधार से होगा वोटरों का मिलान

अब इन डुप्लीकेट वोटरों का सत्यापन आधार कार्ड के माध्यम से किया जाएगा। आयोग ने बीएलओ को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रत्येक डुप्लीकेट वोटर को अपने कागजातों के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद ही यह तय होगा कि कितने वोटर सही हैं और कितने नाम फर्जी तरीके से जोड़े गए हैं।

निर्वाचन अधिकारी ने दी जानकारी

सहायक निर्वाचन अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि आयोग ने एआई आधारित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची भेज दी है। प्रशासन ने इस पर काम शुरू कर दिया है और सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने नाम वास्तव में फर्जी हैं।

Updated on:
11 Sep 2025, 10:26 AM IST
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