रांची

JPSC Scam: इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने का खेल! 20 अभ्यर्थियों से 5.80 करोड़ की डील, CID के सामने मास्टरमाइंड के बड़े खुलासे

JPSC Scam: झारखंड में JPSC भर्ती घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कथित भ्रष्टाचार की परतें खुलती जा रही हैं।
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Updated: 12 Aug 2026, 4:50 PM IST
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झारखंड पेपर लीक का मास्टरमाइंड अभय तिवारी | फोटो सोर्स-X(@Abhishek_ _SP)

JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) भर्ती घोटाले को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच CID की जांच में इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के लिए 20 अभ्यर्थियों से करीब 5.80 करोड़ रुपये की डील का मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, पूरे प्रकरण के कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने CID के सामने इस संबंध में कई अहम खुलासे किए हैं। गिरफ्तार आरोपी तिवारी ने पूछताछ के दौरान 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) के अलावा 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर हुई कथित गड़बड़ियों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

सूत्रों का कहना है कि अभय तिवारी से पूछताछ के बाद रांची पुलिस ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उससे भी पूछताछ की जा रही है।

इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने का करोड़ों का खेल

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, CID की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अभय तिवारी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा में भी अभ्यर्थियों के साथ पैसों की डील हुई थी। इंटरव्यू में नंबर बढ़वाने के लिए अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लिए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा, अभय तिवारी ने फॉरेस्ट रेंजर ऑफिसर (FRO) और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) की भर्ती को लेकर भी कई अहम खुलासे किए हैं। तिवारी के मुताबिक, कुल 20 अभ्यर्थियों से इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के लिए पैसे लिए गए थे। यह रकम करीब 5.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

तिवारी के अनुसार, FRO के एक पद के लिए 20 से 25 लाख रुपये तक की डील होती थी, जबकि ACF के एक पद के लिए यह रकम 30 से 35 लाख रुपये तक पहुंच जाती थी। इसके अलावा, अभय तिवारी ने CDPO परीक्षा में भी अभ्यर्थियों से 10 लाख रुपये लेने की बात कथित तौर पर स्वीकार की है।

JPSC घोटाले में कई नाम जांच के घेरे में

CID सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी ने इस कथित साजिश में शामिल एक अन्य आरोपी का भी नाम लिया है। आरोपी की पहचान नामकुम निवासी आदित्य पांडेय के रूप में हुई है। अभय के मुताबिक, आदित्य की JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते, आयोग की सदस्य अजीता भट्टाचार्य, उनके पीए ब्रजराम, जमाल अहमद, अनिमा हांसदा और टीडीपीएम के डायरेक्टर रामवीर सिंह से कथित सेटिंग थी। आरोप है कि इन लोगों के साथ संपर्क के जरिए अभ्यर्थियों के इंटरव्यू में नंबर बढ़वाए जाते थे।

तिवारी ने CID की पूछताछ में यह भी बताया कि लालू नाम के एक एजेंट के जरिए उसका संपर्क JPSC की परीक्षा पास कर चुके तीन अभ्यर्थियों से हुआ था। अभय तिवारी के इन कथित खुलासों के बाद CID की टीम अब तत्कालीन JPSC सदस्य अनिमा हांसदा से पूछताछ करेगी। इससे पहले CID अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ कर चुकी है।

मुंबई से अरुण शर्मा गिरफ्तार

JSSC की ओर से आयोजित जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की टीम ने मुंबई से अरुण शर्मा नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अरुण शर्मा मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है।

पुलिस के मुताबिक, अरुण शर्मा परीक्षा आयोजित कराने और डेटा मैनेजमेंट का काम संभालने वाली एजेंसी बिनसिस का संचालक और निदेशक है। मामले में उससे पूछताछ की जा रही है और पुलिस पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

Updated on:
12 Aug 2026, 4:50 PM IST
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