
रवि सिन्हा की रिपोर्ट...
(रांची): भाजपा प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण संशोधन के खिलाफ आंदोलन फ्लॉप होने के डर से विपक्ष ने शहीदों के नाम का सहारा लेना शुरु कर दिया है और सिदो-कान्हू के हूल दिवस को आंदोलन का हिस्सा बना दिया है। इससे झारखंडी जनभावना आहत हुई है। इसके लिए विपक्ष जनता से माफी मांगे और इस घोषणा को वापस ले। एक झूठे आंदोलन के लिए शहीदों के नाम का राजनीतिक दुरुपयोग शर्मनाक है।
विपक्ष मांगे जनता से माफी
प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि भूमि अधिग्रहण संशोधन प्रस्ताव के विरोध में विपक्ष ने क्रमवार आंदोलन की घोषणा की है। लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन विपक्ष ने नैतिकता और मर्यादा को ताक पर रख दिया है। विपक्ष धरना दे, जुलूस निकाले। उस पर आपत्ति नहीं है। लेकिन विपक्ष द्वारा शहीदों के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल ठीक नहीं है। 30 जून को शहीद सिदो-कान्हू के संघर्ष की स्मृति में होने वाले हूल दिवस को भी राजनीतिक आंदोलन का हिस्सा बनाकर विपक्ष ने झारखंडी जनता को हत्प्रभ कर दिया है। इसके लिए झामुमो-कांग्रेस समेत सम्पूर्ण विपक्ष को जनता से माफी मांगनी चाहिए और हूल दिवस पर घोषित आंदोलनात्मक कार्यक्रम वापस लेना चाहिए।
विरोध मेें नहीं कोई दम
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष को पता है कि उसके विरोध में कोई दम नहीं है। सरकार के खिलाफ जनता को बरगलाने के लिए विपक्ष झूठ का सहारा ले रहा है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि संशोधन कॉरपोरेट घरानों के लिए लाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि संशोधन के दायरे में सिर्फ स्कूल, अस्पताल, सड़क, आंगनबाड़ी जैसी सरकारी योजनाएं आएंगीं। निजी क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के मूल प्रावधान ही लागू होंगें।
बंद करे झूठ की खेती
उन्होंने ने कहा कि विपक्ष को गरीब आदिवासी-मूलवासी की फिक्र नहीं। पहले पंचायत स्तर पर बनने वाले स्कूल, अस्पताल, सड़क आदि के लिए भूमि अधिग्रहण करने में काफी दिक्कत आती थी। अगर भूमि मिल गई तो भूस्वामी को काफी मशक्कत के बाद मुआवजा मिल पाता था। नए संशोधन में भूस्वामी को अविलंब चार गुना मुआवजा मिल पाएगा। इससे पंचायत स्तर पर जनसुविधा उपलब्ध करवाने की गति तेज होगी। क्षेत्र का आर्थिक-सामाजिक उन्नयन होगा। लेकिन विपक्ष अपने राजनीतिक स्वार्थ में अंधा हो गया है और विकास बाधित करने पर उतारु है। विपक्ष को बताना चाहिए कि संशोधन में कहां पर कॉरपोरेट या माफिया के लिए गुंजाइश दिखती है? प्रभाकर ने कहा कि विपक्ष झूठ की खेती और शहीदों का अपमान बंद करे।