
Ratlam News : उम्र के 100 पड़ाव पार कर चुकी एक बुजुर्ग महिला जब अपनों से बिछड़कर अनजान रास्तों पर भटकने लगीं तो उनके लिए घर लौटना मुश्किल हो गया। उम्र के इस पड़ाव पर न रास्तों की पहचान थी और न ही अपनों तक पहुंचने का कोई सहारा। ऐसे में मध्य प्रदेश के रतलाम शहर की डायल-112 टीम के जवान उनके लिए मददगार बनकर पहुंचे और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उन्हें सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया।
घटना 2 नवंबर 2026 की है। रतलाम जिले के बिलपांक थाना इलाके के धराड़ - नयापुरा में एक 100 वर्षीय वृद्ध महिला के रास्ता भटकने की सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को मिली थी। सूचना मिलते ही बिलपांक थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।
मौके पर पहुंचे डायल-112 के आरक्षक नाहटिया मेड़ा और पायलट जसवंत सोलंकी ने बुजुर्ग महिला को संरक्षण में लिया। जवानों ने उनसे बातचीत कर उनके घर और परिजन के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पूछताछ में पता चला कि, वृद्ध महिला ग्राम नयाखेड़ा की निवासी हैं और घर से निकलने के बाद रास्ता भटककर धराड़-नयापुरा पहुंच गई थीं।
इसके बाद जवानों ने बिना देर किए वृद्ध महिला को डायल-112 के एफआरवी वाहन में बैठाया और सुरक्षित उनके गांव नयाखेड़ा स्थित घर पहुंचाया। परिजन ने महिला की पहचान और आवश्यक सत्यापन के बाद उन्हें सकुशल अपने पास लिया।
लंबे इंतजार और चिंता के बाद परिवार को अपनी बुजुर्ग सदस्य के सुरक्षित लौटने से राहत मिली। परिजन ने डायल-112 के जवानों की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय सेवा की सराहना करते हुए पुलिस का आभार व्यक्त किया।