रतलाम

MP की जिला जेल में 19 साल के कैदी से ‘अप्राकृतिक कृत्य’, कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

MP News: पीडि़त व पिता की नहीं सुनी तो कोर्ट पहुंचे, कोर्ट का आदेश के बाद मेडिकल बोर्ड से जांच और चीफ न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बयान लिए।
2 min read
May 11, 2026
19 year old prisoner was subjected to unnatural acts in ratlam jail mp news
prisoner was subjected to unnatural acts in ratlam jail (फोटो- Freepik)

MP News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में बड़ा मामला सामने आया है। रतलाम स्थित सर्किल जेल में बंद 19 साल के तस्करी के आरोपी के साथ जेल परिसर में ही एक अन्य आरोपी द्वारा अप्राकृतिक कृत्य (Unnatural Acts) करने की गंभीर शिकायत न्यायालय पहुंची है। पीड़ित आरोपी के पिता और पांच अधिवक्ताओं ने जावरा में एनडीपीएस एक्ट के विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आवेदन देने के बाद सोमवार को मेडिकल बोर्ड ने जांच की व बाद में कोर्ट में बंद कमरे में न्यायाधीश ने बयान लिए। मामला सामने आने के बाद जिला जेल में हड़कंप मच गया है। जेल अधीक्षक लक्ष्मणसिंह भदौरिया के अनुसार कई बिंदु पर जांच की जा रही है। पीड़ित के पिता ने आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी जेल प्रशासन ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया। इसलिए उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

कई बार की शिकायत, नहीं हुई सुनवाई

पीडि़त के अ​भिभाषक देवेंद्र भटनागर के अनुसार जेल में बंद युवक ने शारीरिक शोषण की जानकारी कई बार जेल प्रशासन को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसके पिता ने भी जेल प्रबंधन से मौखिक शिकायत की, जिसकी सुनवाई नहीं हुई। अंततः पीड़ित के पिता ने अधिवक्ता देवेंद्र भटनागर से संपर्क किया, जिन्होंने 8 मई को पीड़ित से मिलने के बाद जेल प्रबंधन से बात की, लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर पीड़ित के पिता के शपथ-पत्र के आधार पर 8 मई को ही जावरा की एनडीपीएस एक्ट विशेष कोर्ट में आवेदन किया गया। शनिवार को न्यायाधीश ने आवेदन पर जांच के आदेश जारी किए।

कोर्ट ने दिए जांच के आदेश, बड़ा सवाल- गलती किसकी?

जेल में एक युवक के साथ यौन शोषण की शिकायत के मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद रविवार को कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। न्यायालय ने शनिवार को ही मामले में जांच के आदेश दिए थे, लेकिन दूसरे दिन रविवार होने के कारण मेडिकल ऑफिसर को बुलाकर भी जांच नहीं कराई गई। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जेल प्रशासन द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाया जा रह है कि अप्राकृतिक कृत्य की वारदात कब हुई थी। जेल में नाइट विजन कैमरों से निगरानी की क्या स्थिति थी और संबंधित फुटेज सुरक्षित हैं या नहीं। इसके अलावा, यह भी जांचा जाएगा कि दोनों आरोपियों को एक ही सेल में रखा गया था या नहीं। यदि घटना हुई है तो किसकी लापरवाही से हुई और लापरवाही के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ क्या सख्त कार्रवाई होगी, यह भी जांच का अहम बिंदु रहेगा।

Published on:
11 May 2026 02:42 pm