शहर की सामाजिक संस्था संगठनों ने पक्षियों के लिए की घर-घर दाना-पानी की व्यवस्था, पक्षियों के लिए 50 सकोरे वितरण, बालिकाओं ने दिया प्रकृति संरक्षण पर जोर, गुलाब चक्कर में प्रकृति, योग, संगीत का संगम: पक्षी-वृक्ष मित्र बनने का आह्वान
रतलाम। पत्रिका पक्षी मित्र अभियान से प्रेरित होकर शहर के साथ अंचल में भी सामाजिक-संस्था संगठन अपने अपने स्तर पर पक्षियों के लिए सैकड़ों सकोरे वितरण कर दाना पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। महक संस्था और राठौड़ समाज घर-घर सकोरे वितरण कर रहा हैं। आर्ट ऑफ लिविंग परिवार के साथ ही परस्पर संस्था के साथ ही भारतीय स्त्री शक्ति जिला इकाई ने भी पक्षियों के लिए सकोरे वितरण किए।
पतंजलि युवा भारत विशनित योग संगीत संस्थान
गुरुवार रात प्रकृति संरक्षण पर जोर देते हुए, पक्षियों के लिए 50 सकोरे का वितरण कार्यक्रम शहर के गुलाब चक्कर पर हुआ। जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद् के सहयोग से पतंजलि युवा भारत विशनित योग संगीत संस्थान की ओर से प्रकृति, योग और संगीत का त्रिवेणी संगम कार्यक्रम आयोजित किया। श्रीराम राज्य नि: शुल्क शस्त्र कला केंद्र संचालक दिलीप हिंदू की देखरेख में शहर की प्रतिभाशाली बालिकाओं ने शस्त्र कला का प्रदर्शन किया।
अहिंसा परमो धर्म का संदेश
मुख्य अतिथि अनोखीलाल कटारिया ने कहा कि प्रकृति, योग और संगीत का समावेश एक जीवंत आनंद स्वरूप है, जो वर्तमान समय की महती आवश्यकता है। उन्होंने अहिंसा परमो धर्म का संदेश देते हुए हरियाली के लिए संरक्षित बीज रोपण करने और पक्षी-वृक्ष मित्र बनने का आह्वान किया।
सरस्वती वंदना ने प्रस्तुति
इस मौके पर जन अभियान परिषद् जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय, शंकरलाल राठौड़ और गोवर्धन लाल बिलवार की ओर से 50 सकोरे वितरित किए। शुरुआत में गोपिका बैरागी की सरस्वती वंदना ने प्रस्तुति की। संचालन करते हुए विशालकुमार वर्मा ने बताया कि सकोरे वितरण अभियान निरंतर जारी रहेगा।
इनका किया सम्मान
आयोजन में कटारिया, गो सेवक दिनेश वाघेला, आरडीए उपाध्यक्ष प्रवीण सोनी, प्राचार्य सुभाष कुमावत, गायक अय्यूब खान, राकेश मिश्रा, शिव त्रिलोक चंदानी, हेमंत मूणत, हेमा निरंजनी और डॉ. प्रदीप जैन सहित कई समाजसेवियों को सम्मानित किया।