
रतलाम। पर्युषण महापर्व शहर में शनिवार को भगवान महावीर के जन्म वाचन का उत्सव आस्था और उल्लास के रंगों से सराबोर रहा। जैन उपाश्रयों-मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्वेत और केसरिया वस्त्रों में पहुंचे श्रद्धालुओं के स्वागत में केसरिया तिलक लगाए गए। जैसे ही भगवान महावीर के जन्म का वाचन हुआ, पूरा वातावरण त्रिशला नंदन वीर की जय और बोलो महावीर के जयघोष से गूंज उठा।
जन्म प्रसंग के साथ भगवान से जुड़े 14 स्वप्नों की बोलियां लगाई गईं। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक बोली लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। वहीं पालना झुलाने के अवसर पर भी श्रद्धालुओं में खास उत्साह नजर आया। 15 सितंबर को संवत्सरी और 16 सितंबर को सामूहिक क्षमापना पर्व मनाया जाएगा। त्रिपोलिया गेट स्थित फूलकुंवर बाई उपाश्रय के साथ हनुमान रूंडी, मोहन टॉकीज, नीम वाला उपाश्रय, स्टेशन रोड और टीआईटी रोड जैन धर्मशाला सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर जन्म वाचन महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पूरे आयोजन में भक्ति, उल्लास और परंपरा का अनूठा संगम दिखाई दिया।
पंजेरी की प्रसाद भी बांटी
जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ श्रीसंघ ने त्रिपोलिया गेट स्थित फूल कुंवर बाई उपाश्रय में साध्वी अनंतनिधि के सान्निध्य जन्म वाचन महोत्सव मनाया। दोपहर में महालक्ष्मी की 11111 मण के साथ ही 14 पालना जी, सपनाजी की बोलिया लगाई गई। एक दूसरे को केसरिया छापे लगाकर शुभकामनाएं देते हुए भगवान जन्म चटक खिलाकर मनाया। प्रभावना के साथ ही पंजेरी की प्रसाद भी बांटी गई। रात्रि जागरण व प्रभु भक्ति का भी आयोजन हुआ। इस अवसर पर श्रीसंघ के पदाधिकारियों के साथ बड़़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
प्रभु के जन्मवाचन में लगाई बोली
कस्तूरबा नगर जिनालय में भगवान महावीर का जन्मवाचन हर्षोल्लास से मनाया। समस्त श्रीसंघ को छापा लगाने की बोली प्रवीण डूंगरवाल परिवार ने ली। भगवान का मुनीम बनने की बोली राजेंद्र कुमार कोठारी परिवार ने लगाई। अमित कोठारी ने बताया कि इसके बाद 14 सपनों की बोली लगाई गई। आरती संजय मांडलेचा और मंगलदीप संजय मोदी और लक्ष्मीजी का लाभ संजय मडलेचा परिवार ने लिया। साध्वीश्री की निश्रा में भगवान महावीर का जन्मवाचन हुआ। श्रावकों ने चटक बांट कर बधाई दी। संचालन अभय मूणत ने किया। ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष बाबूलाल सियार ने आभार माना।
गूंजा महावीर जन्म कल्याणक का जयघोष
पर्वाधिराज पर्युषण के अवसर पर मोहन टॉकीज स्थित सौभाग्य प्रकाश दरबार में भगवान महावीर का जन्म कल्याणक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया। श्रमण संघीय प्रवर्तक प्रकाश मुनि निर्भय के सान्निध्य में दोपहर में जन्म कल्याणक का वाचन हुआ। वाचन पूर्ण होते ही भगवान महावीर स्वामी की जय के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को केसर तिलक लगाकर जन्म कल्याणक की बधाई दी। प्रवचन में प्रवर्तकश्री ने कहा कि भगवान महावीर ने अनंत करुणा के साथ आत्मशक्ति का मार्ग दिखाया। धर्मसभा में साध्वी सुमनप्रभा सहित अनेक साधु-साध्वी उपस्थित रहे। कई तपस्वियों ने तपस्या के प्रत्याख्यान लिए।