Former Home Minister: मीसा बंदी के प्लॉट पर हुए अवैध कब्जे को लेकर एसपी ऑफिस में धरने पर बैठे पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हिम्मत कोठारी।
Himmat Kothari: मध्यप्रदेश के रतलाम में एसपी कार्यालय में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी धरने पर बैठ गए। हिम्मत कोठारी एसपी कार्यालय में एक मीसा बंदी के प्लॉट पर हुए अवैध कब्जे के मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत लेकर पहुंचे थे। हालांकि बाद में एसपी ने पूर्व गृहमंत्री को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करने सहित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया तो हिम्मत कोठारी ने धरना खत्म कर दिया।
मीसा बंदी के प्लॉट पर हुए अवैध कब्जे के घटना को लेकर पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी ने चार दिन पहले पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की थी। उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए उचित कार्रवाई और पुलिस केस दर्ज करने की मांग की थी। लेकिन जब चार दिन बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बुधवार को खुद हिम्मत कोठारी एसपी कार्यालय पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए। हिम्मत कोठारी के एसपी कार्यालय में धरने पर बैठते ही हड़कंप मच गया और पुलिस अधिकारी उन्हें मनाने में जुट गए।
जैसे ही पूर्व गृह मंत्री के धरने पर बैठने की सूचना पुलिस अधीक्षक अमित कुमार को मिली, वे तुरंत कार्यालय से बाहर आए। उन्होंने समझाइश देकर हिम्मत कोठारी को जमीन से उठाया और ससम्मान अपने चेंबर में ले गए। एसपी अमित कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व गृह मंत्री को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करने सहित आरोपियों के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज करने का ठोस आश्वासन दिया।मामले में पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव को निर्देशित किया कि वे इस मामले में तुरंत पुलिस प्रकरण (एफआईआर) दर्ज करें। इसके साथ ही एसपी ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई करने में कोई ढिलाई बरती गई, तो थाना प्रभारी अनुराग यादव को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस भी जारी किया जाएगा।
एसपी के चेंबर में चर्चा के बाद पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने साफ लफ्जों में मीडिया और प्रशासन से कहा अगर मीसा बंदियों को उनका प्लॉट वापस नहीं दिलाया गया और दोषियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो मैं आमरण अनशन पर बैठूंगा। उन्होंने आगे कहा कि वो इस संबंध में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व (पार्टी मुखिया) से भी बात करेंगे और इसके बावजूद अगर समस्या का कोई समाधान नहीं होता है, तो मैं पार्टी छोड़ने से भी पीछे नहीं हटूंगा और सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करूंगा।