रतलाम

BREAKING VIDEO यात्री अपनी रक्षा स्वयं करें, क्योकि भूखे रहकर 48 घंटे तक ट्रेन चलाएंगे इंजन चालक

अगर आप 15 जुलाई से ट्रेन में यात्रा करने की सोच रहे है तो एक बार ये खबर पढ़ ले, 17 जुलाई से देशभर की ट्रेन चलाने वाले कर रहे हड़ताल, उसके पहले 48 घंटे भूखे रहकर दौड़ाएंगे ट्रेन

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Jun 09, 2019
railway engine driver will do strike on 17 july

रतलाम। अगर आप 15 जुलाई से ट्रेन में यात्रा करने की सोच रहे है तो एक बार ये खबर पढ़ ले, क्योकि 15 व 16 जुलाई को देशभर के ट्रेन चलाने वाले चालक भूख हड़ताल करने जा रहे है। भूखे रहकर ये ट्रेन चलाएंगे। इनका कहना है कि इस दौरान अपनी रक्षा स्वयं यात्री ही करें, इसके अलावा वे अपनी तीन प्रमुख मांग को लेकर 17 जुलाई से देशभर ट्रेन को चलाना हड़ताल करके बंद करने जा रहे है, क्योकि वर्तमान सरकार उनकी मांग को मानना तो दूर, सुनने को तैयार नहीं हो रही है।

रेलवे में लंबी हड़ताल होने वाली है। ट्रेन को चलाने का काम करने वाले इंजन चालक आगामी 17 जुलाई से हड़ताल की बात बोल चुके है। इसके लिए वे योजना को अंतिम रुप देने के लिए रविवार सुबह 10 बजे स्टेशन के करीब ओबीसी कार्यालय में बैठक की व अंादोलन की रुपरेखा बनाई। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार 17 जुलाई के पूर्व 48 घंटे की भूख हड़ताल होगी, जो चेतावनी देने के लिए होगी।

इस पर हुई बात बैठक में

सुबह हुई बैठक में नियम आरएसी 1980 को इंजन चालक के लिए महामहिम राष्ट्रपति द्वारा बनाए जाने व उस पर अमल नहीं होने का मामला गर्माया। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि पूर्व में स्वीकृत फार्मूला को दरकिनार करके इंजन चालक को मनमर्जी का भत्ता देने की घोषणा हुई। ये नियम के खिलाफ है। इसलिए 15 जुलाई व 16 जुलाई को इंजन चलाते समय चालक भूख हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान अगर वे बीमार हो जाए, बहोश हो जाए तो होने वाली दुर्घटना के लिए उनकी जिम्मेदारी नहीं रहेगी। इतना ही नहीं, 17 जुलाई से देशभर में ट्रेन के पहिंएं जाम कर दिए जाएंगे। इसमे राजधानी, शताब्दी सहित मेल, एक्सपे्रस, डेमू, मेमू सहित मालगाडि़यों के चालक भी हडताल में शामिल होंगे।

इस माह लगातार बैठक
बता दे की ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन की इस माह लगातार बैठक होगी। इसमे राजकोट में पश्चिम रेलवे के रनिंग कर्मचारियों का सम्मेलन के अलावा दिल्ली में 23 जून को आंदोलन को लेकर केंद्रीय समिति की बैठक शामिल है। केंद्रीय समिति की बैठक के बाद अंतिम रुप से रेल मंत्रालय को हड़ताल के बारे में चेतावनी पत्र दिया जाएगा। रविवार की बैठक को नागपुर से आए आरके राणा, जोनल अध्यक्ष श्याम मुनावर, जोनल सचिव लुणाराम सियाग, केंद्रीय उपाध्यक्ष जफरूल हसन, यूनियल के सहायक मंडल मंत्री हरदेश पांडे, पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद के मंडल मंत्री सुनील दुबे, एससीएसटी एसोसिएशन के पीएन वर्मा के अलावा मंडल सचिव ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन के जितेंद्र वर्मा प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।

ये है तीन प्रमुख मांग
वैसे तो संगठन की अनेक मांग है, लेकिन तीन प्रमुख रुप से है। इन तीन प्रमुख मांग को लेकर ही देशभर में चलने वाली या सरपट दौडऩे वाली ट्रेन बंद हो सकती है। इन मांग में रनिंग कर्मचारियों का भत्ता 1980 के तय नियम अनुसार हो, वर्ष 2016 के पूर्व जो कर्मचारी सेवानिवृत हुए है, उनको पेंशन 14.29 प्रतिशत के नियम अनुसार अपडेट हो। इसके अलावा नई पेंशन स्कीम को रद्द किया जाए। इसमे अंतिम मुद्दा नई पेंशन स्कीन को लेकर हर रेल संगठन लंबी लड़ाई लड़ रहा है। इस पर अब तक निर्णय नहीं हुआ है।

बेहोश हुए तो यात्री का क्या होगा
हम धमकी नहीं दे रहे, हम यात्रियों को सचेत कर रहे है। अगर भूख हड़ताल के दौरान ट्रेन चलाने वाला बेहोश हो गया तो दो हजार से अधिक यात्रियों से भरी रहने वाली ट्रेन का क्या होगा, इसलिए यात्रियों से आग्रह है वे 15 जुलाई से जब तक हड़ताल रहे, अपनी यात्रा रद्द करें।
- जफरूल हसन, केंद्रीय उपाध्यक्ष, ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन

Published on:
09 Jun 2019 03:48 pm
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