
रतलाम। मंडल का परिचालन विभाग मंडल के स्टेशन से चलने वाली ट्रेन को भी समय पर नहीं चला पा रहा है। लंबी दूरी की यात्री ट्रेन के मामले में तो बहाना कर दिया जाता है, लेकिन मंडल के इंदौर व चित्तौडग़ढ़ स्टेशन से चलने वाली ट्रेन को भी परिचालन विभाग समय पर नहीं चला पा रहा है। एेसे में यात्रियों को परेशानी हो रही है, लेकिन इससे जिम्मेदार अधिकारियों को फर्क नहीं पड़ रहा है।
पिछले एक पखवाडे़ में मंडल के चित्तौडग़ढ़ से इंदौर तक चलने वाली वीरभूमि ट्रेन की समय-सारणी को देखे तो प्रतिदिन ये ट्रेन रतलाम स्टेशन पर ३० से ५० मिनट देरी से पहुंच रही है। अब तक तो लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से आ रही थी, लेकिन अब मंडल में परिचालन विभाग का नियंत्रण ट्रेनों को समय पर चलाने में नहीं रह गया है। न सिर्फ ये ट्रेन बल्कि बल्कि मंडल में इंदौर से चलने वाली दुरंतो एक्सपे्रस ट्रेन भी समय पर नहीं चल रही है। रतलाम तो ये ट्रेन हर सप्ताह २० से ४० मिनट देरी से आ रही है। एेसे में सर्द रात में यात्रियों को तेज हवा से परेशानी हो रही है। अब तक मंडल के परिचालन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है।
समीक्षा में दी नसीहत
सोमवार को मंडल रेल प्रबंधक आरएन सुनकर ने भी प्रति सप्ताह होने वाली समीक्षा बैठक में सुबह अधिकारियों को इस बात की नसीहत दी की ट्रेनों को समय पर चलाने के मामले में गंभीरता दिखाई जाए। कम से कम मंडल की ट्रेनें देरी से न चले। इसके अलावा यात्रियों को सुरक्षा, सुविधा व संरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। डीआरएम ने समीक्षा बैठक में मंडल में चल रहे निर्माण कार्यो में तेजी लाए जाने, गुणवत्ता का ध्यान रखने, औचक निरीक्षण करने व प्रतिदिन के काम की स्वयं समीक्षा करने को भी कहा।
सोमवार को ये आई देरी से
सेामवार को मंडल मुख्यालय पर इंदौर मुंबई दुरंतो ४२ मिनट, चित्तौडग़ढ़ इंदौर ५० मिनट, दिल्ली मुंबई राजधानी ५७ मिनट, सोमनाथ जबलपुर ४० मिनट, मुंबई जयपुर ४० मिनट, नाथद्वारा ओखा १ घंटे, पश्चिम एक्सपे्रस ३३ मिनट, झांसी बांद्रा ४० मिनट, दाहोद भोपाल ३५ मिनट, बांद्रा देहरादुन ५४ मिनट, हल्दीघाटी पैसेंजर १ घंटे ४५ मिनट, अवध एक्सपेस्र १४ घंटे व गाजीपुर मुंबई ४ घंटे देरी से पहुंची। इन ट्रेन के देरी से आने से यात्रियों को परेशान होना पड़ा।