
रतलाम/ कोबरा बटालियन के कमांडों की ट्रेन से गिरने से हुई मौत के बाद शव को आलोट पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया था। परिजन आलोट पहुंचे और शव को निकलवाया। इसके बाद मंगलवार को एक बार फिर पैनल से पोस्टमार्टम के लिए रतलाम लाया गया। यहां पोस्टमार्टम के बाद जवान को पुष्प चक्र से सम्मानित किया गया।
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पहले अज्ञात मानते हुए पुलिस ने दफना दिया था शव
बिहार के गया में कार्यरत सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन में कमांडो गुजरात के सोमनाथ जिले के कोड़ीनार गांव निवासी अजीतसिंह पिता जग्गूसिंह उम्र 25 साल छुट्टी पर घर लौट रहे थे। राजधानी एक्सप्रेस से लौटने के दौरान आलोट के थूरिया गांव के यहां ट्रेन से गिरने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात मानकर शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे दफना दिया था। जैसे ही इसकी जानकारी परिजन को लगी तो सोमवार को परिजन आलोट पहुंच गए और पुलिस के सामने मृतक से संबंधित दस्तावेज पेश किए गए। तब कहीं जाकर पुलिस को पता लगा कि, जिसे अज्ञात समझकर जफना दिया गया, दरअसल, वो कोबरा कमांडो है।
कोबरा की 205वीं बटालियन में कमांडों अजीत सिंह परमार
परिजन ने उनका शव लेने और पैनल से पोस्टमार्टम कराने की बात रखी। पहले तो पुलिस ने ना नुकुर किया लेकिन बाद में एसडीएम से अनुमति लेने के बाद शव को दफनाए गए स्थान से निकालकर परिजन के साथ जिला अस्पताल में पैनल पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जिला चिकित्सालय में परिजन ओर करणी सेना के सदस्यों से सी एस पी हेमंत चौहान ने चर्चा कर शव को पोस्टमार्टम रूम में रखवाया ओर समझाईश दी मंगलवार की सुबह पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद रतलाम पुलिस द्वारा पुष्प चक्र चढ़ा कर सम्मान किया गया। बता दें कि, कमांडो अजीत सिंह परमार गया में कोबरा की 205वीं बटालियन में कमांडों के रूप में कार्यरत थे।