MP News: मध्य प्रदेश में साइबर ठगों ने पटवारी के बैंक खाते से बिना कॉल और OTP के 2.93 लाख रुपये पार कर दिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
MP News: मध्य प्रदेश के रतलाम में बड़ी साइबर ठगी (Cyber Fraud) का मामला सामने आया है। यहां एक पटवारी के खाते से ठगों ने लाखों रूपए उड़ा लिए। हैरानी की बात तो ये रही कि जब पटवारी के खाते से पैसे ट्रांसफर हो रहे थे तब उन्हें न तो कोई कॉल आया, न ओटीपी और न ही कोई नोटिफिकेशन आया है। कुछ दिन बाद जब पटवारी ने बैंक बैलेंस चेक किया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पटवारी ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच जारी है।
रतलाम में पटवारी के खाते से 2 लाख 93 हजार रुपए की ठगी का एक मामला सामने आया है। औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने पटवारी की रिपोर्ट में लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पटवारी को न तो कोई फोन कॉल आया और न ही उन्होंने किसी को बैंक खाते की जानकारी साझा की। पुलिस के अनुसार काटजू नगर निवासी पटवारी अशोक कुमार योगी के साथ यह वारदात हुई है।
योगी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मार्च माह में पारिवारिक आवश्यकता के चलते अपने जीपीएफ अकाउंट से 5 लाख रुपये निकाले थे, जो एसबीआई कलेक्ट्रेट शाखा रतलाम स्थित खाते में जमा थे। फरियादी के अनुसार 30 अप्रेल को जब उन्होंने बैंक बैलेंस चेक किया तो खाते में राशि कम दिखाई दी। जांच करने पर पता चला कि उनके खाते से 27 अप्रेल को 98 हजार रुपये, 28 को 97 हजार 1 रुपये तथा 29 अप्रेल को 98 हजार रुपये अज्ञात व्यक्ति ने दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए गए। इस प्रकार कुल 2 लाख 93 हजार 1 रुपये की धोखाधड़ी हुई।
अशोक कुमार योगी ने पुलिस को बताया कि उन्हें किसी व्यक्ति द्वारा फोन नहीं लगाया गया और न ही उनके द्वारा किसी को बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी दी गई। मामले में उन्होंने 30 अप्रैल को साइबर सेल की हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब ट्रांजेक्शन से जुड़े बैंक खातों और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
रतलाम साइबर सेल प्रभारी जीवन बारीया ने बताया कि इस मामले में तकनीकी हैकिंग किए जाने के संकेत मिल रहे है। किसी वेबसाइट, एडवरटाइजमेंट या ऐसी कोई लिंक पर क्लिक होते ही आपके मोबाइल का रिमोट एक्सेस ठगों के पास पहुंच जाता है। इसकी भनक तक पीड़ित को नहीं लगती है। इससे बचने के लिए संदिग्ध लिंक न खोलें और बैंक खाते से अनधिकृत ट्रांजेक्शन होने पर तुरंत बैंक तथा साइबर हेल्पलाइन को सूचित करें। मोबाइल में एम-कवच एप को इंस्टाल करके रखे।